
धर्म परिवर्तन का खुलासा, विरोध करने पर ग्रामीणों से मारपीट
NGV PRAKASH NEWS
पटना, बिहार — राजधानी पटना के गोपालपुर इलाके में धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। आरोप है कि वार्ड संख्या-5 स्थित एक किराए के कच्चे मकान में दो वर्षों से गरीबों को लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, इस मकान में बच्चों को मुफ्त शिक्षा के नाम पर बुलाया जाता था, जबकि संडे के दिन उनके माता-पिता को धार्मिक प्रवचन दिए जाते थे।
स्थानीय निवासी दीपक कुमार ने आरोप लगाते हुए बताया कि इस मकान में गरीब लोग जैसे ही प्रवेश करते, कुछ समय बाद वे कोट-पैंट में बाहर निकलते थे, जिससे इलाके में संदेह की स्थिति बनी। दो साल तक यह सिलसिला चलने के बाद जब लोगों को इसकी सच्चाई का अंदेशा हुआ और विरोध किया गया, तो उन्हें न सिर्फ धमकाया गया बल्कि मारपीट भी की गई।
इंटेलिजेंस की सूचना पर खुला मामला
आश्चर्यजनक रूप से इस गतिविधि की जानकारी आर्मी इंटेलिजेंस, लखनऊ को मिली, जिसने इसे पुलिस को सूचित किया। पुलिस द्वारा की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मामला सुनियोजित धर्म परिवर्तन से जुड़ा है।
मुख्य आरोपी महिला और फर्जी स्कूल
इस मामले की मुख्य आरोपी सुषमा कुमारी बताई जा रही हैं, जिनकी उम्र मात्र 20 साल है। सुषमा, वशिष्ठ कुमार की पत्नी और रामलखन मिस्त्री की पुत्री हैं तथा नालंदा जिले के दोगी राजगीर की निवासी हैं। वह इस कथित ‘फर्जी स्कूल’ की संचालिका थी, जहां बच्चों को पढ़ाने की आड़ में धर्म परिवर्तन कराया जाता था।
सुषमा के साथ रेखा कुमारी (ग्राम – पिपलावा, थाना – नैवतपुर), सीता कुमारी (ग्राम – नमानचक, थाना – रामकृष्णा नगर), और आशीष कुमार (ग्राम – नमानचक, पिता – रामरथिका पासवान) के नाम भी इस मामले में सामने आए हैं।
मकान मालिक ने झाड़ा पल्ला
जब ग्रामीणों ने मकान मालिक से शिकायत की, तो उन्होंने लापरवाही दिखाते हुए यह कह दिया कि “आपको इससे क्या मतलब है”, जो इस पूरे प्रकरण को और भी संदिग्ध बनाता है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस इस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कह रही है।
यह मामला न केवल बिहार में धर्म परिवर्तन की एक खतरनाक प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस प्रकार भोले-भाले गरीब लोगों को लालच देकर उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
NGV PRAKASH NEWS

