नकली सामान बेचने का गिरोह गावों में सक्रिय

Gyan Prakash Dubey
नकली सामानों का जाल: गांवों में खुलेआम बिक रही मिलावटी चीजें, बीमारियों का खतरा बढ़ा
बस्ती, कलवारी।
कलवारी थाना क्षेत्र के गांवों में इन दिनों नकली सामानों की बिक्री ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, कुछ लोग जानवरों को पिलाने वाला कैल्शियम, सर्फ, कपड़े धोने का साबुन, शैंपू जैसे नकली सामान बाहर से लाकर गांव-गांव में घूम-घूमकर बेच रहे हैं।
ये लोग कभी बाइक से तो कभी पैदल आकर गांव के भोले-भाले लोगों को नकली सामान सस्ते दामों में थमा देते हैं। ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली केमिकल से तैयार किए गए ये उत्पाद इतने सस्ते दाम में बेचे जाते हैं कि ग्रामीण महिलाएं और लोग इनके झांसे में आ जाते हैं। पर सस्ते का यह लालच सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है। नकली और मिलावटी सामानों का लगातार इस्तेमाल गांवों में बीमारियों को जन्म दे रहा है।
ग्रामीणों का बयान
नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण नहीं बताया कि “ये लोग रोज गांव में आते हैं और बोलते हैं – ‘ये कंपनी का असली माल है, सस्ते में मिल रहा है’। पर असल में ये नकली चीजें होती हैं। हम लोग तो गरीब हैं, सस्ता देखकर खरीद लेते हैं।”
वहीं, गीता देवी ( बदला हुआ नाम )कहती हैं, “साबुन और शैंपू लेकर आई थी, पर बच्चों को खुजली हो गई। पता चला ये नकली था। बहुत डर लग रहा है।”
रमेश यादव ( बदला हुआ नाम ) ने बताया, “ये लोग 2-3 दिन गांव में रहते हैं, फिर चले जाते हैं। पता नहीं कहां से आते हैं और कहां चले जाते हैं। चोरी भी हो रही है। हमें डर है कि ये लोग रेकी करके चोरी कर लेते हैं।”
रेकी कर चोरी की घटनाएं भी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये लोग गांवों में नकली सामान बेचने के बहाने रेकी भी करते हैं। किराए के कमरों में कुछ दिन रुककर वे अपना नेटवर्क बनाते हैं और फिर चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देकर दूसरे इलाके में निकल जाते हैं।
प्रशासन की सुस्ती, जनता की लाचारी
गांव के लोग जागरूकता की कमी के कारण इनके चंगुल में फंस जाते हैं। प्रशासन की तरफ से भी अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि इन नकली सामान बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
°सतर्कता ही बचाव*
विशेषज्ञों का कहना है कि गांव के लोग बिना ब्रांड चेक किए कोई भी सामान न खरीदें। नकली सामानों से सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं होता, बल्कि सेहत भी दांव पर लगती है।
ग्रामीणों से अपील है कि इस तरह के संदिग्ध कारोबारियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। एक छोटी सी सतर्कता से गांवों को इस नकली सामान के जाल से बचाया जा सकता है।
NGV PRAKASH NEWS

