दर्दनाक: गैंग रेप के बाद डाल दिया अंदर कोई नुकीली चीज अंदरूनी अंग निकल गए बाहर : मौत के पहले 18 घंटे तक तड़पती रही

एक बार फिर दिल्ली की निर्भया कांड किया ताजा हो गई, जब एक 45 साल की महिला के साथ बेहद दरिंदगी की गई |

यह वाकई बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला समाचार है। मैं इसे और गहराई और संवेदनशीलता के साथ लिखता हूं:


खंडवा में दरिंदगी की हदें पार: गैंगरेप के बाद 45 वर्षीय महिला की मौत, निर्भया जैसी घटना ने झकझोरा

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक 45 वर्षीय महिला के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार हो गईं। खालवा थाना क्षेत्र के आदिवासी अंचल में हुई इस घटना ने पूरे प्रदेश को दहला दिया है। शनिवार दोपहर महिला अपनी बेटी के साथ गांव के ही एक परिचित के घर गई थी। बेटी ने मां को बेसुध हालत में देखा तो आसपास के लोगों को बुलाया। जब तक महिला को होश आया, तब तक वह बुरी तरह लहूलुहान हो चुकी थी। उसने बताया कि उसके साथ घिनौना कृत्य हुआ है। कुछ ही देर में महिला की मौत हो गई।

महिला के शरीर की हालत ऐसी थी कि देखकर रूह कांप उठे। पुलिस के मुताबिक, महिला के प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था और उसके पेट के अंदरूनी अंग बाहर आ चुके थे। आशंका है कि महिला के प्राइवेट पार्ट में लोहे या लकड़ी की रॉड डाली गई। यह दृश्य दिल्ली की निर्भया कांड की भयावहता को याद दिला रहा है।

पुलिस ने इस मामले में गांव के ही दो लोगों – हरी पालवी और सुनील धुर्वे – को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी महिला के परिचित थे और घटना के वक्त घर में मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि पूछताछ जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा होगा।

घटना के बाद महिला का शव खालवा अस्पताल से जिला अस्पताल खंडवा भेजा गया, जहां मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग के विशेषज्ञों की निगरानी में पोस्टमार्टम हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक, पोस्टमार्टम से पहले ही महिला की आंतें बाहर आ चुकी थीं।

इस वीभत्स घटना पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खंडवा की इस घटना ने आदिम युग के जंगलराज को भी पीछे छोड़ दिया है। बच्चादानी बाहर आना इस दरिंदगी की पराकाष्ठा है। उन्होंने पूछा, “क्या भाजपा सरकार इस ‘सरकारी हत्या’ के दोष से मुक्त हो पाएगी? प्रधानमंत्री को खंडवा आकर इस दिल दहला देने वाले कृत्य का जवाब देना चाहिए।”

महिला के साथ हुई इस बर्बरता ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक हमारी बहन-बेटियां इस तरह की हैवानियत का शिकार होती रहेंगी। क्या अब भी हमारी संवेदनाएं और सरकार का कानून-व्यवस्था तंत्र जगा पाएगा?

NGV PRAKASH NEWS

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