

पूर्वोत्तर में बारिश बनी कहर, 32 लोगों की मौत से दहला इलाका, राहत और चेतावनी के बीच मौसम का मिजाज
1 जून 2025।
मानसून की दस्तक से पहले ही पूर्वोत्तर भारत में आसमान ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया। पिछले 24 घंटों से मूसलाधार बारिश ने बाढ़, भूस्खलन और तबाही का सिलसिला छेड़ दिया है। असम, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल में बारिश ने जमकर कहर बरपाया है, जिसमें अब तक 32 जिंदगियां लील ली गई हैं। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे इलाका दहशत के साए में है।
असम: बाढ़ और भूस्खलन ने लीं 9 जानें
असम में लखीमपुर जिले का रंगानदी डैम खतरे की घंटी बजा बैठा। डैम से छोड़े गए अतिरिक्त पानी ने दो लोगों को लील लिया। गुवाहाटी में तीन बच्चों समेत पांच की मौत हुई, जबकि बोंडा इलाके में भूस्खलन ने एक शख्स को अपनी चपेट में ले लिया। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि तीन जिलों में रेड अलर्ट और आठ में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। बाढ़ से 58 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं और 1,224 लोग पांच राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं।
अरुणाचल प्रदेश: कार बह गई, सात की मौत
अरुणाचल प्रदेश की ऊंचाई से उतरता सैलाब जानलेवा साबित हुआ। ईस्ट कामेंग जिले में हाईवे से एक कार ही बह गई, जिसमें सवार सभी सात लोग मारे गए। सुबानसिरी जिले में दो मजदूर भूस्खलन की चपेट में आ गए। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया है।
मेघालय: 47 सेंटीमीटर बारिश का रिकॉर्ड
मेघालय में चेरापुंजी और मॉसिनराम ने एक बार फिर बारिश का रिकॉर्ड तोड़ा। यहां एक दिन में ही 47 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। इस आफत में तीन बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई। नगालैंड में चूमौकेदिमा में सड़क पर चट्टान गिरने से एक शख्स की मौत हो गई, जबकि मिजोरम में घर और होटल ढहने से छह लोग मारे गए। इनमें म्यांमार के तीन नागरिक भी शामिल हैं, जो होटल के मलबे में दब गए।
मणिपुर: नदियों का रौद्र रूप
मणिपुर में आइरिल और नांबुल नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सड़कों पर पसरी पानी की चादर और लुढ़कते पहाड़ों ने हालात और गंभीर बना दिए हैं।
आगे का मौसम कैसा?
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में बारिश की रफ्तार थोड़ी थम सकती है। मगर अगले दो दिनों तक राहत की कोई गारंटी नहीं। पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ-साथ उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाओं का असर दिख सकता है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी हवाओं के साथ हल्की बारिश का दौर रहेगा। राजधानी दिल्ली समेत कई इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
प्रकृति का यह प्रकोप जहां लोगों की चिंता बढ़ा रहा है, वहीं प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए मोर्चा संभाल लिया है। ऐसे हालात में लोगों से अपील है कि सतर्क रहें और सुरक्षित जगहों पर ही रहें।
– NGV PRAKASH NEWS
