हाईटेंशन तार से झुलसकर दो युवकों की मौत, लापरवाही के आरोप में तीन लाइनमैन पर केस दर्ज, जिम्मेदार अधिकारियों पर उठे सवाल

बस्ती: हाईटेंशन तार से झुलसकर दो युवकों की मौत, लापरवाही के आरोप में तीन लाइनमैन पर केस दर्ज, जिम्मेदार अधिकारियों पर उठे सवाल

बस्ती, 11 जून 2025।

थाना नगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खुटहन में बिजली विभाग की भारी लापरवाही ने दो युवा जिंदगियों को निगल लिया। सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे शशि भूषण (25) और विश्व वल्लभ (23), पुत्रगण घनश्याम निवासी खुटहन, साइकिल से लोहे की सीढ़ी लेकर जा रहे थे। रास्ते में अचानक लोहे की सीढ़ी ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गई। करंट लगते ही दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार हाईटेंशन तार जमीन से महज 8 फीट की ऊंचाई पर लटक रहा था, जो कि सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन है। इस खतरनाक स्थिति को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को सूचित किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मामले में नगर पंचायत नगर बाजार की अध्यक्ष नीलम सिंह तथा समाजसेवी एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख राणा दिनेश प्रताप सिंह द्वारा लगातार प्रयास किए जाने के उपरांत तीन लाइन मैनों पर मुकदमा पंजीकृत किया गया |

वहीं अधिकारियों को तथा विभाग के संबंधित ठेकेदार के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं की गई |

घटना की गंभीरता को देखते हुए मृतकों के परिजन और ग्रामीणों ने लापरवाही के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने मंगलवार को थाना नगर में एफआईआर दर्ज की है। मुकदमा अपराध संख्या 133/2025, धारा 106(1) बीएनएस के तहत लाइनमैन विक्रम कुमार, मोहम्मद अज़ीज़ और मोहम्मद अज़ीम के खिलाफ पंजीकृत किया गया है। तीनों आरोपी लाइनमैनों के नाम अज्ञात पते के साथ दर्ज किए गए हैं।

बड़े सवाल: जिम्मेदार कौन?

यह मामला केवल तीन लाइनमैन की लापरवाही तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की पूरी कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।

  • ठेकेदार की भूमिका: विभाग ने जिन ठेकेदारों को मेंटेनेंस का ठेका दे रखा है, क्या उनकी कोई जवाबदेही नहीं? आखिर तारों की ऊंचाई का समय पर निरीक्षण क्यों नहीं हुआ?
  • स्थानीय पोस्ट प्रभारी की निष्क्रियता: जिनकी जिम्मेदारी क्षेत्र की निगरानी है, उनके फोन तक नहीं उठते। ऐसे में आपात स्थितियों में संवाद और कार्रवाई कैसे संभव है?
  • ऊपर बैठे अधिकारियों की चुप्पी: सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इस तरह के हादसे होते हैं, तो हमेशा केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर ही कार्रवाई क्यों होती है? क्या विभागीय अधिकारियों की कोई जवाबदेही नहीं बनती?

ग्रामीणों का आक्रोश स्वाभाविक है, क्योंकि यह हादसा एक लापरवाह सिस्टम की कीमत पर हुआ है। ऐसे में सिर्फ लाइनमैन को बलि का बकरा बनाना अन्यायपूर्ण होगा। जब तक पूरे विभागीय ढांचे की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।

NGV PRAKASH NEWS की मांग है कि इस दर्दनाक घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और सिर्फ कर्मचारियों पर नहीं, बल्कि पूरे बिजली विभाग के तंत्र पर जवाबदेही तय की जाए। मृतकों के परिजनों को समुचित मुआवजा मिले और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

— NGV PRAKASH NEWS

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