
“एक औरत, एक प्रेमी और तीन कातिल दोस्त: सोनम के झूठ के पीछे मौत की आग में जलती एक और लाश की खौफनाक कहानी”
🗓 13 जून 2025 | ✍️ विशेष रिपोर्ट – NGV PRAKASH NEWS
इंदौर से मेघालय और फिर एक खाई में लुढ़कती इंसानियत
राजा रघुवंशी की हत्या केवल एक इंसान की मौत नहीं थी, बल्कि वह एक ऐसा सुनियोजित खेल था, जिसमें मोहब्बत की आड़ में साजिश, चालाकी और वहशीपन की हदें पार कर दी गईं। अब खुलासा हुआ है कि राजा के कातिलों ने सिर्फ उनकी जान ही नहीं ली, बल्कि एक और महिला की जान लेने की तैयारी कर ली थी — ताकि उसका शव जला कर “सोनम” का बताकर दुनिया को धोखा दिया जा सके। एक नहीं, दो-दो लाशों के बल पर एक औरत को फरार रखना चाहते थे उसके अपने।
बुर्के में भागी, खून से सने रेनकोट फेंके, और फिर बनी ‘अपहरण पीड़िता’
साजिश के बाद सोनम ने बुर्का पहना, अपनी पहचान छिपाई और टैक्सी, बस, ट्रेन के रास्ते मेघालय से इंदौर तक का सफर तय किया। पुलिस को गुमराह करने के लिए राज ने उसे सलाह दी कि वह खुद को अपहरण पीड़िता बताकर सामने आए, ताकि कोई शक न करे। लेकिन इस नाटक के पर्दे में वो लहू लिपटा रेनकोट था, वो छोड़ा गया स्कूटर था, और वो खून से सना सच — जो पुलिस की पैनी नजरों से छुप न सका।
सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि खौफनाक स्क्रिप्ट थी
पुलिस के अनुसार, हत्या की योजना इंदौर में शादी से पहले ही 11 मई को बन गई थी। सोनम की सहमति से राज कुशवाह ने अपने दो दोस्तों को साथ मिलाया — जिनमें से एक उसका चचेरा भाई भी था। 19 मई को गुवाहाटी के पास वेइसाडोंग वाटरफॉल पर ले जाकर कुल्हाड़ी से हमला कर राजा की हत्या की गई। यह पूरी वारदात सोनम की आंखों के सामने हुई। शव को खाई में फेंका गया और सबूत मिटाने की साजिशें शुरू हो गईं।
‘सोनम का शव’ बनाने की योजना: दूसरा खौफनाक मोड़
हत्यारे चाहते थे कि किसी अजनबी महिला को मारकर उसका शव जला दिया जाए और उसे सोनम का बताकर केस को भ्रमित किया जाए। लेकिन किस्मत ने या कहें इंसाफ ने इस योजना को पूरा नहीं होने दिया।
शहर दर शहर भागी ‘साजिश की दुल्हन’
सोनम ने गुवाहाटी से सिलीगुड़ी, फिर पटना, आरा, लखनऊ और आखिर में इंदौर तक का सफर तय किया। मगर पुलिस भी हर मोड़ पर उसके पीछे थी। जैसे ही उत्तर प्रदेश में पहली गिरफ्तारी हुई, राज ने सोनम को नया स्क्रिप्ट पकड़ा दिया — “खुद को अगवा बताकर वापस आ जाओ”। और यही हुआ, सोनम गाजीपुर पुलिस के सामने ‘डरी-सहमी मासूम’ बनकर आत्मसमर्पण कर बैठी।
अब क्या होगा?
मेघालय पुलिस का कहना है कि 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। सोनम, राज कुशवाह और तीन अन्य आरोपी अब हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। बयान बदल रहे हैं, कहानियां टकरा रही हैं, लेकिन सच की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं।
क्या था मकसद?
प्यार था या हवस? आज़ादी थी या बेवफाई की हद? सवाल कई हैं। लेकिन इतना तो साफ है — इस कहानी में मोहब्बत सिर्फ एक नकाब थी, जिसके पीछे इंसानियत को कुल्हाड़ी से काटा गया।
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