नाबालिक बालिका की निर्मम हत्या.. जमीनी विवाद को निपटाने में राजस्व एवं पुलिस विभाग नाकाम

Gyan Prakash Dubey


चाकुओं से गोदकर नाबालिग की निर्मम हत्या, जमीन विवाद बना खूनी संघर्ष
प्रशासन की लापरवाही ने ली मासूम की जान, परिजनों में कोहराम

बस्ती, 15 जून 2025 | संवाददाता – NGV PRAKASH NEWS
जिले के पैकोलिया थाना क्षेत्र स्थित जीतीपुर लालापुरवा गांव से एक बार फिर इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जमीनी विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में 13 वर्षीय नाबालिग परी श्रीवास्तव की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई, जबकि मृतका के तीन अन्य परिजन गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना ने न सिर्फ गांव बल्कि पूरे क्षेत्र को दहला दिया है।

कल हुई थी राजस्व टीम द्वारा पैमाइश, आज हत्या

सूत्रों के अनुसार, गांव निवासी अतुल श्रीवास्तव द्वारा बीते शुक्रवार को भूमि का सीमांकन व पैमाइश करवाई गई थी। शनिवार को वे घर के पास मिट्टी गिरवा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष – दूधनाथ वर्मा और अमरनाथ वर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर अतुल श्रीवास्तव व उनके परिवार पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। इस हमले में अतुल की बेटी परी श्रीवास्तव को ताबड़तोड़ चाकू मारकर बुरी तरह घायल कर दिया गया, जिसे अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

तीन गंभीर, परिवार शोकाकुल

हमले में परी के अलावा परिवार के तीन सदस्य भी घायल हैं, जिनका इलाज नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। स्थिति को देखते हुए परिजन और ग्रामीण बेहद आक्रोशित हैं। परसा-परसरामपुर मार्ग को ग्रामीणों ने पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। मौके पर सीओ संजय सिंह और पुलिस बल तैनात है।

पुलिस की लापरवाही, प्रशासन मौन

इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि विवाद पहले से चल रहा था, बावजूद इसके थानाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कल ही राजस्व टीम ने पैमाइश की थी, लेकिन मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने की कोई तैयारी नहीं की गई थी।

पांच आरोपी हिरासत में, कार्रवाई की बात

मामले में सीओ सदर सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने जानकारी दी कि, “मृतका के परिजनों की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीन पुरुष व दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। क्षेत्र में पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है।”

प्रशासन की निष्क्रियता ने ली जान

यह घटना प्रशासन की उस ढुलमुल नीति को भी उजागर करती है, जिसके चलते जमीनी विवादों को समय रहते नहीं सुलझाया जाता और अंततः वे खूनी संघर्ष में बदल जाते हैं। राजस्व विभाग व पुलिस विभाग की आपसी समन्वयहीनता इस दर्दनाक घटना का मुख्य कारण बनकर सामने आई है।

स्थानीय जनों में आक्रोश

घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। परी श्रीवास्तव की मौत ने हर आंख नम कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते चेत जाता, तो शायद आज परी जिंदा होती।


NGV PRAKASH NEWS


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