हनी ट्रैप रैकेट का खुलासा: सुरक्षा से जुड़े अधिकारी निशाने पर….

दिल्ली में हनी ट्रैप से राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा, पाकिस्तानी नेटवर्क का खुलासा
📍 नई दिल्ली | 15 जून 2025 | NGV PRAKASH NEWS

देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर हनी ट्रैप के ज़रिए जासूसी के खतरनाक खेल का पर्दाफाश हुआ है, जिससे न केवल समाज बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ गई है। हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतरराष्ट्रीय जासूसी रैकेट को पकड़ा है, जिसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की संलिप्तता की पुष्टि हुई है।

▶️ 31 मई को हुआ खुलासा: हनी ट्रैप के पीछे पाकिस्तानी नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, यह खुलासा तब हुआ जब 31 मई को एक विशेष ऑपरेशन के तहत दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजस्थान के डींग जिले से छह विदेशी लड़कियों को पकड़ा, जिनमें एक नाबालिग पाकिस्तानी लड़की भी शामिल है।
इन लड़कियों के साथ जासूसी कर रहे दो पाकिस्तानी एजेंटमोहम्मद कासिम और उसका भाई मोहम्मद हसीन को गिरफ्तार किया गया है।
यह गिरोह हनी ट्रैप के ज़रिए उच्च पदों पर बैठे लोगों, डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और रक्षा विभाग के कर्मचारियों को निशाना बना रहा था।

🚨 जांच में चौंकाने वाले खुलासे

स्पेशल सेल की जांच के मुताबिक:

  • पिछले 5 वर्षों में 12 से अधिक हाई-प्रोफाइल लोग इस रैकेट के शिकार हो चुके हैं।
  • एक नामी डॉक्टर से 9 लाख रुपये हड़प लिए गए।
  • इन मामलों में से कम से कम 10 में पाकिस्तान और बांग्लादेश की लड़कियां शामिल थीं।
  • इंटरनेट मीडिया, इंस्टाग्राम और डेटिंग एप्स जैसे टिंडर, बम्बल आदि के ज़रिए इन युवतियों ने अपने टारगेट तक पहुंच बनाई।
  • बातचीत के बाद उन्हें भावनात्मक रूप से फंसाकर अश्लील वीडियो, कॉल्स व फोटो का इस्तेमाल कर ब्लैकमेल किया जाता था, जिससे या तो पैसे ऐंठे जाते थे या फिर संवेदनशील जानकारी

⚠️ रक्षा वैज्ञानिक, DRDO कर्मी और सुरक्षा एजेंसियां निशाने पर

जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह रैकेट सिर्फ आर्थिक शोषण तक सीमित नहीं, बल्कि देश की रक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की साजिश का हिस्सा है।
DRDO और मिलिट्री इंटेलिजेंस से जुड़े कुछ अफसरों तक इस गिरोह की पहुंच की बात भी सामने आई है, जिससे राष्ट्र सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हुआ है।

🧠 हिज्ब-उत-तहरीर से संबंधों की जांच जारी

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को यह भी संदेह है कि इस रैकेट के पीछे आतंकी और अलगाववादी संगठन “हिज्ब-उत-तहरीर” का भी हाथ हो सकता है। इसी कारण दिल्ली के कई महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आईबी, एनआईए और रॉ जैसे एजेंसियां इस मामले में गहराई से जांच कर रही हैं।

📌 सावधानी ही बचाव: दिल्ली पुलिस ने दी चेतावनी

दिल्ली पुलिस ने आम लोगों और खासकर सरकारी पदों पर कार्यरत लोगों को चेताया है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से अधिक संवाद न करें और कोई भी व्यक्तिगत या पेशेवर जानकारी साझा करने से पहले पूरी सतर्कता बरतें।

“यह केवल साइबर क्राइम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। हमलोग सभी एंगल से जांच कर रहे हैं,”
एक वरिष्ठ अधिकारी, स्पेशल सेल


यह मामला साफ तौर पर दर्शाता है कि हनी ट्रैप अब केवल ब्लैकमेलिंग या ठगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह देश की सुरक्षा प्रणाली को कमजोर करने के लिए दुश्मन देश की संगठित रणनीति बन चुका है।
देशवासियों को सतर्क रहने की जरूरत है और सरकार को भी इस पर एक मजबूत और ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है।

✍️ : NGV PRAKASH NEWS
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