
“बरात से पहले मौत का न्योता” – रामपुर में ‘दुल्हन’ बनी कातिल, शादी से एक दिन पहले प्रेमी संग रच डाली हत्या
रामपुर | NGV PRAKASH NEWS | 17 जून 2025
मेरठ की मुस्कान और इंदौर की सोनम रघुवंशी के बाद अब रामपुर की गुलफशां—जिसे मिलना था सजा-ए-वफा, उसने दे डाली मौत की सजा। शादी से ठीक एक दिन पहले जो बारात घर से निकलनी थी, वहां जनाजे का मातम छा गया। इस बार दुल्हन नहीं, कातिल बनी प्रेम में पगलाई एक महिला, जिसने अपने मंगेतर को प्रेमी के हाथों मरवा डाला।
14 जून: जिस दिन की जानी थी हल्दी, उस दिन लिखी गई हत्या की पटकथा
रामपुर के भोट थाना क्षेत्र के धनुपुरा गांव में रहने वाली गुलफशां की शादी 15 जून को तय थी। दूल्हा निहाल (25), गंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला गूजर टोला का रहने वाला था, जो बावर्ची का काम करता था। हल्दी-मेंहदी के रंग में सराबोर घर, रिश्तेदारों की चहल-पहल और मंडप की सजावट के बीच—कौन सोच सकता था कि दूल्हे के जीवन की आखिरी शाम दस्तक दे चुकी है?
शिकंजी नहीं, यहां ‘साजिश’ परोसी गई थी
14 जून की दोपहर निहाल के पास एक फोन आता है। खुद को गुलफशां का भाई बताने वाला शख्स उसे कपड़ों की नाप दिलाने के बहाने बुलाता है। निहाल दो बाइक सवार युवकों के साथ चला जाता है… और फिर लौटकर कभी नहीं आता।
परिवार परेशान होता है, खोजबीन शुरू होती है, लेकिन खबर तब मिलती है जब अजीमनगर थाना क्षेत्र के रतनपुरा शुमाली गांव के जंगल में उसका शव मिलता है। मौत साफ थी—गला दबाकर हत्या की गई थी।
प्रेम, छल और हत्या – एक मखमली धोखा
जैसे-जैसे पुलिस की जांच बढ़ी, सच्चाई सामने आई। गुलफशां का पिछले एक साल से सद्दाम नामक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जब शादी की बात तय हुई, तो गुलफशां ने प्रेमी के साथ मिलकर निहाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची। सद्दाम ने फरमान, अनीस जैसे साथियों को शामिल किया और निहाल का अपहरण कर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
मंडप पर चढ़ने से पहले जेल की सलाखों के पीछे पहुंची साजिश
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सद्दाम और फरमान को गिरफ्तार कर लिया है। गुलफशां और अनीस अभी फरार हैं, लेकिन गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मृतक के भाई नायब शाह ने गंज थाने में चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने मांग की है कि गुलफशां को भी तत्काल गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए।
एक और दुल्हन बनी मौत की सौदागर
इस घटना ने फिर से प्रेम, विवाह और भरोसे की दीवारों को झकझोर दिया है। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां दुल्हन बनी हत्यारिन। समाज में रिश्तों के बदलते मायने, डिजिटल मोहब्बत की परछाई और लालच की कालिख, आज हकीकत बनकर सामने खड़ी है।
निहाल की मां की आँखें सूनी हैं, पिता का कंधा झुका है, और नायब की जुबान पर बस एक ही सवाल—
“क्या हमारा भाई सिर्फ प्यार का एक बलिदान था या फिर कानून की ढिलाई का शिकार?”
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