
रूह कंपा देने वाली वारदात — पत्नी पर दरिंदगी की सारी हदें पार, मिर्च डालकर जलाया गया जिस्म, दो दिन तक भूखी-प्यासी बंद रही महिला
मुजफ्फरपुर | 17 जून 2025 | NGV PRAKASH NEWS
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पारू थाना क्षेत्र में एक पति ने अवैध संबंधों के शक में अपनी पत्नी के साथ जो अमानवीय व्यवहार किया, वह न सिर्फ कानून, बल्कि इंसानियत की सारी हदें पार कर गया। 13 जून को हुई यह घटना दिल को झकझोर देने वाली है।
अवैध संबंध के शक में बना हैवान, पत्नी पर टूटा कहर
40 वर्षीय शत्रुघ्न राय नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के साथ जो किया, उसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप उठे। पीड़िता के मुताबिक, पति ने उसे न केवल बुरी तरह पीटा, बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट में मिर्च पाउडर डाल दिया। इसके बाद भी उसकी हैवानियत नहीं थमी — गर्म आयरन से उसके नाजुक अंगों को दाग दिया।
इतना ही नहीं, महिला का आरोप है कि उसे बिजली का करंट देने की भी कोशिश की गई और फिर दो दिनों तक भूखा-प्यासा, हाथ-पैर बांधकर एक कमरे में कैद रखा गया।
चीखती रही, मगर मोहल्ला मौन रहा…
पीड़िता का कहना है कि उसकी चीखें आसपास के लोग सुनते रहे, लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया। “सभी डरते थे, क्योंकि घरवाले दबंग थे,” पीड़िता ने बताया। आखिरकार 15 जून को उसका भाई किसी तरह वहां पहुंचा और दरवाजा खुलवाकर बहन को गंभीर अवस्था में बाहर निकाला।
बिना इलाज और खाना, नर्क से भी बदतर दो दिन
परिजन महिला को गंभीर हालत में पारू पीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे तुरन्त श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SKMCH) रेफर कर दिया। वहां इलाज जारी है और हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
FIR दर्ज, पति गिरफ्तार, सास-देवर फरार
16 जून को पीड़िता की तहरीर पर पति शत्रुघ्न राय (40), सास दुखनी देवी (45), देवर सुमेश राय (30), और देवरानी पुष्पा देवी (26) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पारू थानाध्यक्ष रामविनय कुमार ने बताया कि पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। उन्होंने कहा,
“यह महिला हिंसा का सबसे गंभीर मामला है, सभी कड़ी धाराओं में केस दर्ज हुआ है।”
“मैंने निर्दोष साबित करने की कोशिश की, तो कहा गया मर जा” – पीड़िता
आजतक को दिए बयान में पीड़िता ने कहा —
“मेरी शादी को 10 साल हो चुके हैं, तीन बच्चे हैं। मगर पिछले छह महीने से मुझ पर शक किया जा रहा था। मैंने मेडिकल टेस्ट कराने की बात कही, ताकि सच सामने आ जाए। मगर उन्होंने जवाब दिया – ‘मर जा’, और फिर जो किया वो हैवानियत से भी बदतर था।”
यह घटना सिर्फ एक महिला पर अत्याचार नहीं, समाज की उस सोच पर तमाचा है जो आज भी स्त्री को शक की नजर से देखती है, उसके शरीर को सज़ा की जमीन बना देती है। अब समय है कि ऐसे अपराधियों को न केवल जेल मिले, बल्कि समाज से बहिष्कार भी।
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