
एक चप्पल की मिट्टी ने ससुर-बहू को ऐसा उलझाया कि घर बना तनाव का अखाड़ा!
बागपत | 18 जून 2025 | NGV PRAKASH NEWS
कभी एक घर को “स्वर्ग” कहा जाता था, लेकिन बागपत के खेकड़ा कस्बे में सोमवार सुबह जो हुआ, उसने घर को झगड़े और जुनून का ज़मीन से जुड़ा मैदान बना दिया। एक मामूली सी बात ने ऐसा विकराल रूप लिया कि बहू ने ससुर की डंडे से पिटाई कर दी और उसके बाद खुदकुशी की कोशिश तक पहुंच गई।
घटना किसी टीवी सीरियल की स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी की हकीकत है। बागपत के खेकड़ा कस्बे के एक मोहल्ले में बाइक मैकेनिक का परिवार रहता है। सोमवार सुबह घर में बहू झाड़ू-पोंछा कर रही थी, तभी घर के बुजुर्ग ससुर बाहर से लौटे। उनके जूतों में चिपकी मिट्टी ने साफ किए गए फर्श को गंदा कर दिया—बस यहीं से शुरू हुआ वह तूफान, जिसने घर की शांति को चिथड़े-चिथड़े कर दिया।
गुस्से से बौखलाई बहू ने पहले जमकर गालियाँ दीं, फिर हाथ में डंडा उठा लिया और बुजुर्ग ससुर पर टूट पड़ी।
मारपीट के बाद वह कमरे में भागी और खुद को कमरे में बंद कर लिया।
कुछ ही देर में वह फंदा बनाकर पंखे से लटक गई। बेटी की चीख-पुकार सुनकर लोग दौड़े—शोर सुनकर मोहल्ले वाले और पति मौके पर पहुँचे, फंदा काटा गया और महिला की जान बचा ली गई।
घटना से मोहल्ले में सनसनी फैल गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घायल बहू को ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया है
यह घटना महज एक परिवार की आपसी तकरार नहीं, बल्कि आज की उस मानसिक थकावट और संवादहीनता की प्रतीक बन चुकी है जो कई घरों को अंदर से खोखला कर रही है। क्या हम इतने असहनशील हो चुके हैं कि एक चप्पल की मिट्टी, एक रिश्ते को कीचड़ में बदल देती है? क्या बुज़ुर्गों की गलती पर डंडा ही जवाब है? और क्या आत्महत्या ही हर बहस का अंतिम रास्ता है?
आज जरूरत है धैर्य, संवाद और समझदारी की—वरना हमारे घरों के भीतर ही खामोश जंग चलती रहेगी और रिश्ते धुएं की तरह उड़ते रहेंगे।
NGV PRAKASH NEWS
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