

हरिद्वार, 18 जून 2025
NGV PRAKASH NEWS विशेष रिपोर्ट
75 सेकंड में खत्म हुई जिंदगी: रील बनाते समय गंगा में समा गया सहारनपुर का युवक
हरिद्वार में मंगलवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना घटित हुई, जिसने रील और सोशल मीडिया की सनक पर सवाल खड़ा कर दिया है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से अपने दोस्तों के साथ हरिद्वार घूमने आए 40 वर्षीय विकास की गंगा में डूबकर मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वह रील बनवाने के चक्कर में रेलिंग पार कर गंगा के खतरनाक हिस्से में उतर गया।
घटना हरिद्वार के गोविंद घाट की है। मृतक की पहचान विकास पुत्र रामचंद्र, निवासी पंजाबी बाग, सहारनपुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विकास अपने दोस्तों के साथ गंगा में नहा रहा था। इसी दौरान उसने अपने एक मित्र से तैरते हुए वीडियो बनाने को कहा। रील के लिए उसने घाट की रेलिंग पार की और गहरे पानी में चला गया। शुरुआत में सब सामान्य लग रहा था—विकास हँसते हुए पानी में उतरा, लेकिन चंद सेकंड में ही वह गंगा के तेज बहाव में फंस गया और फिर लहरों में गायब हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विकास की रील बनाने की योजना थी, मगर उसने जिस जगह प्रवेश किया, वह गहरे पानी और तेज बहाव वाला प्रतिबंधित क्षेत्र था। वहां सुरक्षा के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे, मगर उत्साह में अनदेखी कर दी गई। दोस्त मोबाइल से वीडियो बनाते रहे, लेकिन विकास की जान नहीं बचा सके।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन चलाया गया। घंटों की मशक्कत के बाद भी विकास का शव नहीं मिल पाया। सर्च ऑपरेशन देर शाम तक जारी रहा।
विकास के साथियों ने पुलिस को बताया कि वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और अक्सर साहसिक रीलें बनाता था। उसे वायरल होने का जुनून था और इसी चक्कर में उसने अपनी जान गंवा दी।
सवाल उठाता है यह हादसा
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। जब घाट जैसे संवेदनशील स्थानों पर रेलिंग और चेतावनी बोर्ड होते हुए भी लोग ‘रील’ बनाने के लिए ज़िंदगी की हदें पार करने लगते हैं, तब हादसे आम हो जाते हैं।
क्या एक वीडियो के लिए जान जोखिम में डालना वाजिब है? क्या सोशल मीडिया की ‘लाइक और व्यूज’ की भूख इतनी बड़ी हो गई है कि हम वास्तविकता की कीमत भूलने लगे हैं?
प्रशासन की अपील
घटना के बाद प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे गंगा के खतरनाक क्षेत्रों में न उतरें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। सोशल मीडिया की रीलें जीवन से बड़ी नहीं होतीं।
NGV PRAKASH NEWS इस दुःखद घटना के माध्यम से सभी पाठकों से यही अपील करता है—
“रील बनाएं, लेकिन रियल जिंदगी को जोखिम में न डालें।”
© NGV PRAKASH NEWS

