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शादीशुदा महिला से प्रेम करना युवक को पड़ा भारी, गांव वालों ने पेड़ से बांध कर बेरहमी से पीटा, पुलिस ने बचाया
पूर्णिया (बिहार), 20 जून 2025।
कहते हैं इश्क पर किसी का जोर नहीं चलता, लेकिन जब यह सामाजिक मर्यादाओं की दीवार तोड़ता है, तो इसके अंजाम कभी-कभी बेहद खौफनाक हो सकते हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला बिहार के पूर्णिया जिले से सामने आया है, जहां एक शादीशुदा महिला से प्रेम करना एक युवक को भारी पड़ गया। मामला के. नगर थाना क्षेत्र के बक्सा घाट रोड का है, जहां मुस्लिम युवक मोहम्मद कुर्बान (32 वर्ष) को गांव वालों ने पकड़कर पेड़ से बांध दिया और लाठियों से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, लोटो टोला की रहने वाली 35 वर्षीय सोनी देवी की शादी करीब 18 साल पहले 42 वर्षीय राजेश ऋषि से हुई थी। इस दंपती की दो बेटियां भी हैं, जिनमें से बड़ी बेटी की इस साल शादी होने वाली है। बावजूद इसके, महिला का पिछले तीन वर्षों से मोहम्मद कुर्बान नामक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मोहम्मद कुर्बान पूर्णिया के चूनापुर इलाके का रहने वाला है और मेहनत-मजदूरी करता है। दोनों की मुलाकात बाजार में हुई थी और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार रात सोनी देवी ने अपने प्रेमी को घर बुलाया था। उसने फोन कर कुर्बान को बताया कि उसका पति खेत में मचान पर सोने गया है और घर पर कोई खतरा नहीं है। तड़के दोनों चोरी-छिपे बंद कमरे में मिले। मगर भाग्य को कुछ और मंजूर था। किसी कारणवश पति राजेश ऋषि खेत से घर लौट आया। घर का दरवाजा बंद देख उसने संदेह किया और किसी तरह दरवाजा तोड़ भीतर पहुंचा। वहां उसने पत्नी और प्रेमी को आपत्तिजनक हालत में रंगे हाथ पकड़ लिया।
घटना की भनक लगते ही शोरगुल मच गया। आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने मोहम्मद कुर्बान को पकड़ कर एक पेड़ से बांध दिया और डंडों व लाठियों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि भीड़ इतनी उग्र थी कि पुलिस को दो बार मौके पर पहुंचना पड़ा, लेकिन पहली बार वे युवक को छुड़ाने में असफल रहे। गांव वालों ने पुलिस टीम से भी धक्का-मुक्की की। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और काफी मशक्कत के बाद युवक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया गया।
नगर थाना प्रभारी ने बताया कि मोहम्मद कुर्बान को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। मामले में फिलहाल किसी पक्ष ने लिखित शिकायत नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि मामला अत्यंत संवेदनशील है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। यदि कोई पक्ष शिकायत करता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता और भीड़तंत्र की प्रवृत्ति पर भी गंभीर चिंता जाहिर करती है। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। भीड़तंत्र की हिंसा रोकना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। दूसरी ओर, विवाह संस्था की मर्यादा तोड़ने की घटनाएं गांवों में भी अब छुप नहीं पा रही हैं, जिनका अंजाम अक्सर इस तरह की हिंसक घटनाओं में सामने आता है।
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