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देवरिया में 15 वर्षीय किशोरी की 40 वर्षीय व्यक्ति से शादी की कोशिश नाकाम, पुलिस और महिला कल्याण विभाग ने रुकवाया बाल विवाह
देवरिया।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जिले के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के बनिययनी गांव स्थित एक मंदिर में 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी 40 वर्षीय व्यक्ति से कराई जा रही थी। जैसे ही यह खबर महिला हेल्पलाइन 1090 पर पहुंची, जिला प्रशासन हरकत में आ गया और तत्काल मौके पर टीम रवाना की गई।
बताया जा रहा है कि विवाह की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और हल्दी की रस्म अदा की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्डलाइन और बाल संरक्षण इकाई की टीम मौके पर पहुंच गई और इस बाल विवाह को रुकवाया। नाबालिग को सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर भेजा गया, जहां उसकी काउंसलिंग की जा रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार लड़की के परिजनों ने यह विवाह किसी जान-पहचान के माध्यम से तय किया था। दूल्हा महाराष्ट्र से आया हुआ था और उसकी उम्र लगभग 40 वर्ष बताई जा रही है। विवाह कार्यक्रम की सूचना गुप्त रूप से किसी जागरूक व्यक्ति ने 1090 महिला हेल्पलाइन को दी। इसके बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल सोनकर के निर्देश पर मीनू जायसवाल के नेतृत्व में वन स्टॉप सेंटर, चाइल्डलाइन, डीसीओ और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
मामले में
जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल सोनकर ने कहा, “नाबालिग की शादी की सूचना मिलते ही हमने टीम भेजकर विवाह को रुकवाया। लड़की को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। उसकी काउंसलिंग कराई जा रही है और उसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया जारी है। बाल विवाह कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि लड़की की मां या परिवार की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है तो दूल्हे और आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।”
कानून क्या कहता है?
बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होने पर विवाह गैरकानूनी माना जाता है। ऐसे विवाह को रुकवाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान है। इस मामले में दूल्हा 40 वर्षीय था, लेकिन लड़की नाबालिग थी, जो कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। लोग यह जानकर स्तब्ध हैं कि आखिर 40 वर्षीय व्यक्ति से एक मासूम किशोरी की शादी क्यों और कैसे तय कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में जागरूकता की कमी को दर्शाती हैं।
महिला कल्याण और बाल संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाएं और ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत 1090 हेल्पलाइन, चाइल्डलाइन 1098 या नजदीकी थाने को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
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