
कानपुर, 22 जून 2025।
कानपुर में अपराधियों और उनके संरक्षण में लगे पुलिसकर्मियों के गठजोड़ का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर में अवैध कब्जे और जबरन वसूली के खिलाफ पुलिस कमिश्नर की सख्त मुहिम के बावजूद कुछ पुलिसकर्मी अपराधियों को बचाने में लगे हैं, जिससे पुलिस की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ताजा मामला नवाबगंज थाना क्षेत्र के जागेश्वर मंदिर चौकी का है। यहां के चौकी प्रभारी आदित्य बाजपेई का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे एक फरार आरोपी को छापे की सूचना देकर बच निकलने में मदद करते दिख रहे हैं। आरोपी कोई और नहीं, बल्कि पिंटू सेंगर हत्याकांड में वांछित और जमीन कब्जा गिरोह का सदस्य, अधिवक्ता अनूप शुक्ला है।
वीडियो फुटेज में साफ दिखता है कि अनूप शुक्ला हाथ में बैग लिए बाइक से चौकी प्रभारी के पास पहुंचता है। दोनों के बीच इशारों में बातचीत होती है, चौकी प्रभारी मुस्कुराते हुए इशारा करते हैं और अनूप मौके से भाग निकलता है। दिलचस्प यह कि चौकी प्रभारी भी उसके पीछे बाइक से जाते दिखते हैं। कुछ सेकंड बाद पुलिस फोर्स की गाड़ियां मौके पर पहुंचती हैं, लेकिन तब तक अनूप फरार हो चुका होता है।
बता दें कि दीनू उपाध्याय उर्फ धीरज, जो पिंटू सेंगर हत्याकांड और जबरन वसूली, जमीन कब्जा जैसे मामलों में कुख्यात है, को पुलिस 10 मई 2025 को गिरफ्तार कर चुकी है। उसी नेटवर्क का हिस्सा अधिवक्ता अनूप शुक्ला भी बताया जाता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार ने कहा कि संबंधित दरोगा छुट्टी पर था, लेकिन उसे बुलाकर पूछताछ की जा रही है। यह बेहद गंभीर मामला है और जांच एसीपी को सौंपी गई है। जांच पूरी होने पर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर में इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है और आमजन में एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि दोषी पुलिसकर्मी पर कड़ी कार्रवाई कर नजीर पेश की जाए ताकि अपराधियों को संरक्षण देने की परिपाटी खत्म हो।
NGV PRAKASH NEWS

