
यूपी BJP में जिलाध्यक्षों की नई सूची 3 मार्च तक, 29 बाहर
करप्शन और विरोध के चलते बदलाव, OBC की भागीदारी रहेगी अधिक
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए जिलाध्यक्षों की घोषणा 3 मार्च तक हो सकती है। इस लिस्ट में 98 में से 29 जिलाध्यक्षों को हटाए जाने की संभावना है, जबकि यह संख्या 35 तक भी पहुंच सकती है। हटाए जाने वाले जिलाध्यक्षों में वे शामिल हैं जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं या जिनके खिलाफ कार्यकर्ताओं ने शिकायतें की हैं।
OBC की भागीदारी रहेगी सबसे ज्यादा
बीजेपी पदाधिकारी के अनुसार, नए जिलाध्यक्षों में OBC समुदाय का सबसे अधिक प्रतिनिधित्व होगा। अभी इस वर्ग से 36 जिलाध्यक्ष हैं, और नई सूची में यह संख्या 30 के करीब रह सकती है। फिर भी पिछड़ा वर्ग से सबसे अधिक नाम शामिल होंगे।
करप्शन और विरोध वाले जिलाध्यक्ष होंगे बाहर
पार्टी ने कई विवादित जिलाध्यक्षों को हटाने का निर्णय लिया है:
- अंबेडकरनगर – त्रयंबक तिवारी के व्यवहार को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी।
- रायबरेली – बुद्धिलाल पासी आयु सीमा पार कर चुके हैं, और उनके खिलाफ 6 पूर्व जिलाध्यक्षों ने शिकायत की है।
- फतेहपुर – मुखलाल पाल पर 50 लाख रुपये की वसूली का आरोप।
- लखनऊ – विनय प्रताप सिंह के खिलाफ प्लॉट विवाद और कार्यकर्ताओं से खराब व्यवहार की शिकायतें।
SC और महिला जिलाध्यक्षों की संख्या बढ़ेगी
नई सूची में अनुसूचित जाति (SC) और महिला जिलाध्यक्षों की संख्या 15-20 तक बढ़ाई जाएगी। फिलहाल केवल 4 SC और 4 महिला जिलाध्यक्ष हैं, लेकिन नई सूची में महिला जिलाध्यक्षों की संख्या अधिक होगी।
संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव
- सभी 6 संगठनात्मक क्षेत्रों में नए क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाएंगे।
- युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा सहित 7 मोर्चों में नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाएंगे।
- जिलाध्यक्षों की नई सूची जारी होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों की नई टीम बनाई जाएगी, जिसमें 3 से 6 महीने लग सकते हैं।
जातीय समीकरण और चुनावी रणनीति
BJP की नई टीम का गठन 2026 के पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। पार्टी सभी जातियों को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश करेगी।
25 हजार कार्यकर्ताओं को संगठन में मिलेगी जगह
प्रदेश से लेकर मंडल स्तर तक 25,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को संगठन में समायोजित किया जाएगा। इससे बीजेपी अपने सांगठनिक ढांचे को और मजबूत करने की कोशिश करेगी।
NGV PRAKASH NEWS

