युवाओं में रशियन गर्ल और लाइन की बढ़ती डिमांड


🔴 आगरा में ‘लाइन’ का नशा: रशियन युवतियों और एमडीए के जाल में फंसते संभ्रांत परिवारों के युवा

सिंथेटिक ड्रग्स और जिस्मफरोशी के गठजोड़ ने खोखला किया समाज, पुलिस के हत्थे चढ़े तीन सप्लायर

📍 आगरा, 30 जून 2025 | NGV PRAKASH NEWS

ताजमहल की नगरी आगरा अब “लाइन के नशे” और रशियन लड़कियों के नाम पर चल रहे गंदे खेल का केंद्र बनती जा रही है। सेक्स रैकेट और सिंथेटिक ड्रग्स के इस खतरनाक गठजोड़ ने शहर के संभ्रांत युवाओं को भी अपनी चपेट में ले लिया है।

सिकंदरा पुलिस द्वारा पकड़े गए तीन युवकों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि देह व्यापार में रशियन लड़कियों के साथ अब “लाइन का नशा”— यानी एमडीए (MDA) की डिमांड बढ़ गई है। यह सफेद पाउडर, जिसे फिल्मी स्टाइल में नाक से खींचा जाता है, अब आगरा की हाईप्रोफाइल पार्टियों और होटलों में आम हो गया है।


🔍 क्या है ‘लाइन’ का नशा?

यह नशा असल में एम्फैटेमिन परिवार का एक सिंथेटिक ड्रग (MDA/MDMA) है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के अनुसार, यह नशा दिमाग के तीन रसायनों — डोपामिन, नोरेपिनेफ्रिन और सेरोटोनिन — को असंतुलित कर देता है। इसका असर कई घंटे तक बना रहता है, जिससे मूड हाई, नींद गायब, और उत्तेजना चरम पर पहुंच जाती है। यही कारण है कि इसे सेक्स रैकेट में भी इस्तेमाल किया जाने लगा है।


🚔 12.6 ग्राम पाउडर की कीमत ₹80,000!

सिकंदरा पुलिस ने पवन निगम (बसई खुर्द), नदीम खान (नाई की मंडी), और मोहित राठौर (मुरली नगर) को गिरफ्तार किया। इनके पास से बरामद 12.6 ग्राम एमडीए की बाजार कीमत ₹80,000 बताई जा रही है।
पूछताछ में सामने आया कि इनको यह ड्रग्स डेविड (निवासी: एमपीपुरा, ताजगंज) देता है, जो खुद इसे बाहर से मंगवाता है। डेविड की सप्लाई शहर के रूफटॉप होटल्स, गेस्टहाउस और हाईप्रोफाइल पार्टियों में रहती थी।


🏨 रशियन लड़कियां, सेक्स रैकेट और नशा — तीनों का गठजोड़

पुलिस का कहना है कि इस नशे का सबसे ज्यादा चलन ताजगंज और फतेहाबाद मार्ग के रूफटॉप होटलों में है। रशियन युवतियों के साथ “लाइन” का नशा लेने की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है।
युवक और युवतियां गाड़ियों में बैठकर पहले नशा करते हैं, फिर पार्टी में जाते हैं। कई बार टॉयलेट में जाकर नशा कर बाहर निकलते हैं। इतना ही नहीं, ग्राहक “लाइन के साथ लड़की” की मांग करते हैं, यानी देह व्यापार और ड्रग्स अब एक पैकेज डील बन चुका है।


😨 अच्छे घरों के युवा भी फंस रहे चपेट में

सबसे खतरनाक पहलू यह है कि यह नशा अब केवल बिगड़े हुए लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि संभ्रांत परिवारों के बच्चे, कॉलेज स्टूडेंट्स और युवतियां भी इसमें फंस रही हैं। कई लोग इस नशे को “स्टेटस सिंबल” मानकर अपनाते हैं और बाद में ड्रग्स के आदी बन जाते हैं।


सवाल कई, जवाब अधूरे

  • कैसे रशियन लड़कियां शहर में बिना निगरानी के घूम रही हैं?
  • पुलिस और इमिग्रेशन डिपार्टमेंट इनकी एंट्री पर नजर क्यों नहीं रख पा रहा?
  • क्या होटल और रूफटॉप लॉजिंग में ड्रग्स जांच कभी होती है?

🚨 जरूरत है सख्त कार्रवाई की

आगरा पुलिस ने एक बड़ा गिरोह पकड़ने की शुरुआत की है, लेकिन जड़ें बहुत गहरी हैं। केवल विक्रेताओं को पकड़ने से बात नहीं बनेगी, आपूर्ति नेटवर्क, होटल मालिकों की मिलीभगत और विदेशी युवतियों के दस्तावेजों की जांच जरूरी है।


📌 यह खबर समाज को आईना दिखाती है — कि कैसे हमारी युवा पीढ़ी एक अंधे रास्ते पर जा रही है, जहां नशा, देह व्यापार और अपराध सब कुछ एक-दूसरे से जुड़ चुके हैं। अब समय आ गया है कि सरकार, समाज और सिस्टम तीनों मिलकर इसे जड़ से उखाड़ें।


✍️ NGV PRAKASH NEWS


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