

कांवड़ यात्रा 2025: डीजे पर सख्ती, नियमों के उल्लंघन पर जब्ती और कार्रवाई तय
मेरठ, 12 जुलाई 2025।
इस वर्ष की कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने नियमों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। खासकर डीजे की ऊंचाई, आवाज और शोर को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मेरठ से हरिद्वार तक के कांवड़ मार्ग पर पुलिस की विशेष टीमें तैनात हैं, जो ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा मानकों पर निगरानी रख रही हैं। अब तक पुलिस ने 120 डीजे संचालकों को चिन्हित किया है, जिनमें से 30 बड़े संचालकों को बाकायदा नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है। आयोजकों को भी साफ कहा गया है कि नियम तोड़े गए तो कार्रवाई तय है।
कार्यक्रम रद्द, डीजे जब्त की तैयारी
प्रशासन की सख्ती का असर जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। ऐसे कई डीजे कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए हैं जो तय मानकों से अधिक ऊंचाई या आवाज में संचालन कर रहे थे। मेरठ बॉर्डर से लेकर हरिद्वार तक पुलिस अलर्ट मोड में है। डीजे की ऊंचाई, चौड़ाई और डेसिबल स्तर को लेकर सख्त गाइडलाइन लागू की गई है। नियमों के उल्लंघन पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि डीजे को मौके से जब्त भी किया जा सकता है।
एसपी सिटी का स्पष्ट संदेश
मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार अधिक सख्ती बरती जा रही है। उन्होंने कहा, “झारखंड, पश्चिम बंगाल और आसपास के राज्यों के जो बड़े डीजे संचालक कांवड़ मार्ग पर सक्रिय रहते हैं, उन्हें नोटिस भेजकर सभी मानकों की जानकारी दे दी गई है। यदि इनका पालन नहीं किया गया तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।”
आयोजकों की भी जवाबदेही
पुलिस ने आयोजकों को भी नोटिस देकर आगाह किया है। मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा के जिन आयोजकों ने इन डीजे को बुक किया है, उनसे स्पष्ट कहा गया है कि वे डीजे की आवाज, ऊंचाई और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान न तो श्रद्धालुओं को और न ही आम जनता को असुविधा हो। खासतौर पर ट्रैफिक जाम और शोरगुल की समस्या से बचने की हिदायत दी गई है।
डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश
उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्णा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कांवड़ यात्रा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके निर्देशों में प्रमुख बातें थीं:
- डीजे प्रतियोगिताओं पर रोक लगाई जाए।
- स्थानीय लोगों को पहले से रूट डायवर्जन की सूचना दी जाए।
- अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो।
- हाईवे, लिंक रोड और गांव-शहर की सीमाओं पर चौकसी बढ़ाई जाए।
- सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई हो।
- खुफिया एजेंसियों को सक्रिय कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए।
शिवभक्तों की आस्था, लेकिन कानून का भी पालन
सरकार ने साफ कर दिया है कि शिवभक्तों की आस्था और श्रद्धा का सम्मान किया जाएगा, लेकिन कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं होगा। कांवड़ यात्रा में अनुशासन और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना इस बार की प्राथमिकता है।
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