Gyan Prakash Dubey


बस्ती: बाल श्रम के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई, सात मासूमों को बचाया गया — बस्ती पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त मुहिम
NGV PRAKASH NEWS | 16 जुलाई 2025
जनपद बस्ती में आज का दिन बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम के रूप में दर्ज हो गया। पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में बाल श्रम के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए सात नाबालिग बाल श्रमिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। यह अभियान न केवल प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि समाज में व्याप्त बाल शोषण जैसी अमानवीय प्रथा पर करारा प्रहार भी करता है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बस्ती के आदेश, अपर पुलिस अधीक्षक एवं एएचटीयू के नोडल अधिकारी के निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार पाठक के नेतृत्व में श्रम प्रवर्तन अधिकारी नागेंद्र त्रिपाठी की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। अभियान को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा भेजे गए पत्र एवं महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के निर्देशों के अनुपालन में चलाया गया, जिसमें जनपद स्तर पर बाल श्रमिकों और किशोर श्रमिकों के बचाव और पुनर्वास को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे।
संयुक्त टीम ने बस्ती शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों, दुकानों, ढाबों, रेस्टोरेंट्स, मोटर गैराजों व अन्य प्रतिष्ठानों पर गहन छापेमारी की। अभियान के दौरान कुल 7 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। इन मासूमों को जब पुलिस की गाड़ी में बैठाकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, तो राहगीरों की आंखें भर आईं और कई लोगों ने ताली बजाकर इस प्रयास का स्वागत किया।
रेस्क्यू किए गए बच्चों को उनके अभिभावकों के सुपुर्द किया गया और जिन दुकानदारों और प्रतिष्ठान मालिकों ने इन्हें अवैध रूप से काम पर रखा था, उनके खिलाफ श्रम विभाग द्वारा विधिक कार्रवाई की गई। मौके पर आम जनमानस को भी बाल श्रम कानूनों के प्रति जागरूक किया गया। टीम ने स्पष्ट संदेश दिया कि 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से मजदूरी कराना न केवल नैतिक अपराध है, बल्कि कानूनी रूप से भी दंडनीय है।
जनता को इस प्रकार के मामलों की सूचना देने हेतु हेल्पलाइन नंबरों — 1090, 1098, 108, 112, 1076 और 181 — के बारे में जानकारी दी गई, जिससे वे बाल शोषण से संबंधित किसी भी गतिविधि की तत्काल सूचना प्रशासन तक पहुंचा सकें।
बस्ती प्रशासन का यह साहसिक और मानवीय प्रयास पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण प्रस्तुत करता है। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस अभियान से प्रेरणा लेकर अन्य जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई होगी और कोई भी बच्चा बचपन से वंचित नहीं रहेगा।
(NGV PRAKASH NEWS)
