

“मैं हारने को तैयार हूं, लेकिन बड़ा खेल खेलूंगी” — UPSC की तैयारी कर रही महिला ने की पति की हत्या, वजह में छिपी है एक खौफनाक कहानी
मुजफ्फरपुर, 15 जुलाई 2025 | NGV PRAKASH NEWS
मुजफ्फरपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने कथित तौर पर अपने पति की चाकू से हत्या कर दी। यह कोई सामान्य घरेलू कलह नहीं थी, बल्कि वर्षों की दबाई गई पीड़ा, कुचली गई इच्छाओं और दमित महत्वाकांक्षाओं का विस्फोट था। आरोपी महिला कोई मामूली महिला नहीं, बल्कि UPSC जैसी सर्वोच्च प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, उसने खुद यह स्वीकार किया कि “मैं हारने को तैयार हूं, लेकिन बड़ा खेल खेलूंगी” — ये शब्द उसने अपनी दीवार पर लिखे थे, जो अब उसकी मानसिक स्थिति और हत्या की पृष्ठभूमि को उजागर करने वाला प्रतीक बन चुके हैं।
रिश्ते में जबरन शादी और प्रताड़ना की दास्तान
पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि उसकी शादी शबा मुमताज नामक पंचायत रोजगार सेवक से हुई थी। दोनों रिश्ते में आते थे — शबा मुमताज उसके भाई की पत्नी की बहन का पति था। यही जान-पहचान आगे जाकर जबरन शादी में तब्दील हो गई। महिला के मुताबिक, यह शादी उसकी मर्जी के बिना हुई थी और शादी से पहले ही शबा एकतरफा प्यार करने लगा था। यही नहीं, उस पर मानसिक दबाव डालने और फोटो के माध्यम से ब्लैकमेल करने के भी आरोप लगे हैं।
“वो मुझे मारता था, पढ़ाई छुड़वा दी, अब मैं थक चुकी थी”
महिला ने बताया कि उसका पति दिनभर गायब रहता और रात में घर लौटने के बाद उसका शारीरिक और मानसिक शोषण करता था। लगातार प्रताड़ना ने उसकी आत्मा को तोड़ दिया था। उसने पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन फिर से जिंदगी को पटरी पर लाने के लिए उसने BPSC और UPSC की तैयारी शुरू की। उसे लगता था कि यदि वह कुछ बड़ा नहीं करेगी तो उसकी पहचान सिर्फ उत्पीड़न की शिकार महिला बनकर रह जाएगी।
चाकू से ताबड़तोड़ वार, कोई पछतावा नहीं
हत्या बकरीद के दिन की बताई जा रही है। महिला ने पुलिस को बताया कि कुर्बानी के लिए घर में नया चाकू लाया गया था, और उसी चाकू से उसने पति पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। उसने बताया कि वह पति के बर्ताव से इतनी नाराज थी कि उसने कई बार चाकू घोंप दिए। हत्या के बाद भी उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान महिला ने किसी भी तरह के पछतावे का भाव नहीं दिखाया।
दीवार पर लिखे शब्द: अपराध या प्रतिरोध?
पुलिस को आरोपी महिला के घर की दीवार पर लिखा स्लोगन मिला — “मैं हारने को तैयार हूं, लेकिन बड़ा खेल खेलूंगी”। अब यह लाइन पूरे मामले का केंद्रीय बिंदु बन गई है। यह शब्द केवल एक महिला के संघर्ष की चीख नहीं, बल्कि उस खामोश प्रतिरोध की कहानी है, जो शायद समाज ने समय रहते सुन ली होती, तो यह त्रासदी न होती।
रसूखदार परिवार के खिलाफ चुप क्यों रही?
महिला का आरोप है कि उसका पति और उसका ससुराल पक्ष बेहद रसूखदार और दबंग है। इसी वजह से उसने पहले कभी उनके खिलाफ आवाज नहीं उठाई। उसे डर था कि उसकी बात पर कोई विश्वास नहीं करेगा। लेकिन जब सहनशक्ति की सीमा टूट गई, तो उसने ऐसा कदम उठाया, जो अब कानूनी रूप से उसे लंबे संघर्ष की ओर ले जा सकता है।
निष्कर्ष
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है, जो महिलाओं की इच्छाओं, सपनों और आत्मसम्मान को बार-बार कुचलती है। क्या यह हत्या ‘अपराध’ है या किसी दमित आत्मा का विद्रोह? इसका जवाब तो अदालत में मिलेगा, लेकिन यह ज़रूर तय है कि समाज को इस कहानी से सीख लेनी चाहिए।
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