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अलीगढ़ में भी सक्रिय था धर्मांतरण नेटवर्क, 97 महिलाओं की गुमशुदगी ने बढ़ाई चिंता
खुफिया एजेंसियों की नजर, एएमयू से लेकर गरीब बस्तियों तक फैला था संदिग्ध दायरा
अलीगढ़, 21 जुलाई 2025:
आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के बड़े खुलासे के बाद अलीगढ़ में भी खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, पूर्व में इसी मामले में दोषी पाए गए उमर गौतम का नेटवर्क अलीगढ़ तक फैला हुआ था। वर्ष 2018 में उसकी सूची में 33 धर्मांतरित महिलाओं के नाम शामिल थे, जिनमें तीन अलीगढ़ की थीं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जनवरी 2025 से अब तक जिले से 97 महिलाएं लापता हैं, जिनमें 17 किशोरियां शामिल हैं।
स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, कई मामलों में महिलाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने की बात सामने आई है। ऐसे में अब नए सिरे से यह जांच हो रही है कि कहीं ये महिलाएं धर्मांतरण रैकेट का शिकार तो नहीं बनीं।
धर्मांतरण का यह नेटवर्क केवल धार्मिक पुस्तकों के वितरण तक सीमित नहीं था। उमर गौतम गरीब बस्तियों में जाकर महिलाओं को टारगेट करता था और धर्म परिवर्तन कराने के बाद उन्हें ‘शाइनिंग स्टार्स’ का नाम दिया गया। उसका इंटरनेट पर वायरल एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह इस्लाम के प्रचार में सक्रिय दिख रहा था। जानकारी के अनुसार, उमर का असली नाम श्याम प्रताप गौतम था, जिसने धर्म परिवर्तन कर मो. उमर नाम अपनाया था।
लखनऊ में अवैध धर्मांतरण केस में दोषी ठहराया गया कलीम सिद्दीकी भी अलीगढ़ आता-जाता था। एटीएस को उसके स्थानीय संपर्कों की जानकारी मिली थी। वहीं, गाजियाबाद में दो साल पहले पकड़े गए एक धर्मांतरण रैकेट में आरोपी अब्दुल्ला (पूर्व में सौरभ) ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से बीडीएस किया था और वहीं धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया से गुजरा था।
पिछले कुछ वर्षों में जब भी अवैध धर्मांतरण से जुड़े बड़े गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है, अलीगढ़ का नाम अक्सर जांच में सामने आया है। चाहे वो नेटवर्किंग हो या विदेशी फंडिंग के जरिए लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराना—अलीगढ़ एक संवेदनशील बिंदु बनकर उभरा है।
हालांकि अभी तक स्थानीय पुलिस को किसी भी गुमशुदा महिला के धर्मांतरण से संबंधित स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं। एसएसपी संजीव सुमन ने बताया, “अभी तक किसी एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर संपर्क नहीं किया है, लेकिन एहतियातन पुलिस और खुफिया विभाग सतर्क निगरानी बनाए हुए हैं।”
आगरा से शुरू हुई जांच की आंच अब अलीगढ़ तक पहुंच चुकी है। 97 महिलाओं की गुमशुदगी के पीछे का सच क्या है, यह आने वाले दिनों में सामने आ सकता है। मगर बीते वर्षों में अलीगढ़ की संदिग्ध भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
NGV PRAKASH NEWS
