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राजस्थान: चित्तौड़गढ़ में शिक्षक पर 23 मासूमों के यौन शोषण का आरोप, सबूत सामने आते ही सेवा से बर्खास्त
NGV PRAKASH NEWS | 20 जुलाई 2025 | चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं थाना क्षेत्र से एक शर्मनाक और स्तब्ध कर देने वाला मामला सामने आया है। सरकारी स्कूल में कार्यरत शिक्षक शंभू लाल धाकड़ पर 23 नाबालिग छात्र-छात्राओं के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। आरोपित को पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट, बीएनएस, जेजे एक्ट व आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा उसे सेवा से बर्खास्त भी कर दिया गया है।
18 छात्र और 5 छात्राएं यौन शोषण का शिकार, अधिकांश दलित-आदिवासी समुदाय से
बेगूं थानाध्यक्ष शिवलाल मीणा के अनुसार, अब तक 18 छात्र और 5 छात्राएं सामने आई हैं जो शंभू लाल द्वारा लंबे समय से शोषण का शिकार हो रही थीं। ये सभी बच्चे दलित और आदिवासी समुदाय से आते हैं। पुलिस का कहना है कि मेडिकल परीक्षण, बच्चों और अभिभावकों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की गहन जांच चल रही है।
वीडियो बना करता था ब्लैकमेल, ग्रामीणों ने जुटाए सबूत
इस भयावह कृत्य का खुलासा तब हुआ जब एक छात्र ने साहस दिखाते हुए शिक्षक के मोबाइल से अश्लील वीडियो निकाल लिए। उसके पिता संजय (परिवर्तित नाम) ने 17 जुलाई को चित्तौड़गढ़ के ज़िला कलेक्टर को वीडियो दिखाते हुए लिखित शिकायत दी। पुलिस ने उसी रात शंभू लाल को उसके गांव से हिरासत में ले लिया।
गांव में आक्रोश, स्कूल में ताला, बच्चों की काउंसलिंग शुरू
इस घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश है। 18 जुलाई को ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। बच्चों ने बताया कि शिक्षक स्कूल की छुट्टी के बाद उन्हें रोककर यौन शोषण करता था। कुछ छात्रों ने डर, धमकी और अपमान के कारण स्कूल जाना छोड़ दिया।
पुलिस ने बताया कि एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और बच्चों की मानसिक काउंसलिंग भी शुरू की गई है। आरोपी के मोबाइल से अधिकांश वीडियो डिलीट पाए गए, लेकिन ग्रामीणों द्वारा पुलिस को कुछ वीडियो सौंपे गए हैं।
शिक्षा मंत्री ने सेवा से किया बर्खास्त, जांच रिपोर्ट में पुष्टि
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी शिक्षक को 19 जुलाई को सेवा से बर्खास्त कर दिया। विभागीय जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि शंभू लाल धाकड़ लंबे समय से छात्रों को स्कूल में रोककर अश्लील हरकतें करता था, और उन्हें धमकाकर चुप रहने को मजबूर करता था।
शिक्षक पर गंभीर धाराएं, जांच अधिकारी कर रहे गहन पड़ताल
बेगूं पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराएं 3, 4, 5, 6, 7, 8, भारतीय न्याय संहिता की धारा 64, 65, आईटी एक्ट की धारा 67, जेजे एक्ट की धारा 75, और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं लगाई हैं। जांच अधिकारी रावतभाटा डीएसपी कमल प्रसाद मीणा इस मामले से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाने में लगे हैं।
बच्चों का साहस और परिजनों की जागरूकता बनी न्याय की राह
इस पूरे मामले में एक बच्चे के साहस और उसके परिजन की जागरूकता से शिक्षक के सालों पुराने कुकर्मों का पर्दाफाश हो पाया। ग्रामीणों ने मांग की है कि आरोपी शिक्षक को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई शिक्षक ऐसी घिनौनी हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
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