

यमन की जेल में बंद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को राहत: फांसी की सजा रद्द
NGV PRAKASH NEWS विशेष रिपोर्ट
सना/नई दिल्ली। यमन में मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को एक बड़ी राहत मिली है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमनी अधिकारियों ने उनकी फांसी की सजा को पूरी तरह रद्द कर दिया है। यह फैसला सना में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया, जिससे अब निमिषा की रिहाई की उम्मीदें और प्रबल हो गई हैं।
निमिषा प्रिया को साल 2017 में यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद 2020 में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई, जबकि 2023 में उनकी अंतिम अपील भी खारिज हो गई थी। हाल ही में 16 जुलाई 2025 को उन्हें फांसी देने की तारीख तय की गई थी, जिसे बाद में टाल दिया गया था।
ग्रैंड मुफ्ती कार्यालय की जानकारी
समाचार एजेंसी एएनआई ने केरल स्थित भारतीय ग्रैंड मुफ्ती ए.पी. अबुबकर मुसलैयार के कार्यालय के हवाले से बताया कि, “पहले निमिषा की मौत की सजा को निलंबित किया गया था, अब उसे पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।” हालांकि, इस फैसले की अभी तक यमन सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मामला क्या था?
38 वर्षीय निमिषा प्रिया 2008 में नौकरी के लिए यमन गई थीं, जहां उनकी मुलाकात यमनी नागरिक तलाल महदी से हुई। दोनों ने मिलकर एक क्लीनिक शुरू किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ समय बाद उनके संबंधों में खटास आ गई और महदी ने खुद को निमिषा का पति बताना शुरू कर दिया और उसका शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न करने लगा। इतना ही नहीं, वह निमिषा का पासपोर्ट भी जब्त करके रखने लगा, जिससे वह भारत नहीं लौट पा रही थी।
बताया गया है कि 2017 में निमिषा ने तलाल को बेहोश कर पासपोर्ट वापस लेने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान ड्रग ओवरडोज के कारण महदी की मौत हो गई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 2018 में हत्या का दोषी घोषित किया गया।
भारत सरकार के प्रयास
निमिषा प्रिया की रिहाई के लिए भारत सरकार, सामाजिक संगठनों और केरल के धार्मिक नेताओं ने लगातार यमनी प्रशासन से संपर्क बनाए रखा। कूटनीतिक स्तर पर भी कई प्रयास हुए, जिसमें विशेष रूप से “ब्लड मनी” यानी क्षतिपूर्ति के जरिए सजा को माफ कराने की कोशिशें भी शामिल थीं।
आगे की राह
हालांकि सजा पलटने की खबर बड़ी राहत लेकर आई है, लेकिन जब तक यमन सरकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं मिलती, तब तक निमिषा की रिहाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मामले की गंभीरता से निगरानी कर रही है और जल्द ही यमन के अधिकारियों से आधिकारिक पुष्टि की उम्मीद है।
© NGV PRAKASH NEWS
