मारपीट के बाद पहुंची पुलिस ने..


दारोगा की मौत पर छिड़ी ‘शव की जंग’, दो पत्नियां भिड़ीं आमने-सामने, मारपीट के बाद पुलिस ने किया फैसला
लखनऊ, 30 जुलाई 2025 | विशेष रिपोर्ट – NGV PRAKASH NEWS
लखनऊ में मंगलवार को एक ऐसा ड्रामा देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। दारोगा संजय पाठक की अचानक मौत के बाद उनका शव लेने के लिए दोनों पत्नियां आमने-सामने आ गईं। बहस, रोना-धोना और आरोप-प्रत्यारोप के बीच शव पर हक की जंग छिड़ गई।
मामला इतना बढ़ा कि खींचतान और मारपीट तक हो गई। अंततः पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और शव मृतक के पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
दो घर, दो कहानियां… और एक विवादित मौत
संजय पाठक उरई में तैनात थे।
- उनकी पहली पत्नी चंद्रकुमारी जौनपुर में रहती थीं, उनसे तीन बेटियां और एक बेटा है।
- दूसरी पत्नी आराधना लखनऊ में उनके साथ रहती थीं, जिनसे उनके दो बेटे हैं।
सोमवार रात अचानक दारोगा की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल पहुंचते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
शव पर हक की खींचतान
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव सौंपने की बारी आई, दोनों पत्नियां भिड़ गईं।
- चंद्रकुमारी ने शव लेने की जिद की और पति की मौत को संदिग्ध बताया।
- आराधना ने भी शव पर अपना हक जताते हुए कहा कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है।
खींचतान और मारपीट के बीच मौके पर गुडंबा पुलिस पहुंची और विवाद शांत कराया। आखिरकार शव मृतक के पिता को दे दिया गया, जिन्होंने इसे लेकर जौनपुर में अंतिम संस्कार किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सनसनीखेज आरोप
पोस्टमार्टम में मौत का स्पष्ट कारण नहीं मिला, इसलिए विसरा जांच के लिए नमूने सुरक्षित रखे गए हैं।
- चंद्रकुमारी के बेटे ने आरोप लगाया कि आराधना ने संपत्ति के लालच में स्लो प्वाइजन देकर पिता की हत्या की।
- वहीं आराधना का कहना है कि संजय की मौत पूरी तरह प्राकृतिक थी।
पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
NGV PRAKASH NEWS
