बहुचर्चित रेप केस में प्रधानमंत्री के पोते को मिली उम्र कैद की सजा..

विशेष रिपोर्ट…


पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में उम्रकैद, पीड़िता को मिलेगा मुआवजा

NGV PRAKASH NEWS | बेंगलुरु, 3 अगस्त 2025

कर्नाटक की राजनीति में भूचाल ला देने वाले बहुचर्चित रेप केस में शनिवार को बड़ा फैसला आया। बेंगलुरु की विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के पोते और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से ₹7 लाख की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।

फैसले के समय भावुक हुए प्रज्वल

फैसला सुनाते समय कोर्ट रूम में प्रज्वल रेवन्ना भावुक हो गए और न्यायाधीश के सामने कहा—
“मेरी केवल यही गलती थी कि मैंने राजनीति में बहुत तेज़ी से कदम बढ़ाए।”
लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध सबूत और गवाह बयान उनके खिलाफ पूरी तरह दोष सिद्ध करते हैं।


क्या है पूरा मामला?

  • यह मामला 2021 में सामने आया था, जब प्रज्वल रेवन्ना पर घरेलू कर्मचारिणी के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न का आरोप लगा।
  • 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आया।
  • जांच के दौरान SIT को 3000 से अधिक अश्लील वीडियो और कई पेन ड्राइव मिले।
  • डिजिटल फॉरेंसिक, DNA रिपोर्ट और 26 गवाहों के आधार पर 1,600 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल हुई।

जांच और ट्रायल की पूरी प्रक्रिया

  1. 2024 में मामला उजागर होने के बाद SIT का गठन किया गया।
  2. आरोप सामने आने के बाद प्रज्वल जर्मनी भाग गए थे, लेकिन बाद में लौटकर गिरफ्तार हुए।
  3. अप्रैल 2025 में ट्रायल शुरू हुआ, गवाहों और फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच हुई।
  4. 1 अगस्त 2025 को अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया।
  5. 2 अगस्त 2025 को विशेष अदालत ने उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई।

परिवार और राजनीतिक पृष्ठभूमि

प्रज्वल रेवन्ना कर्नाटक की प्रमुख राजनीतिक हस्ती रहे हैं—

  • पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के पोते
  • पूर्व मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी के भतीजे
  • 2019 में हसन लोकसभा सीट से सांसद, 2024 में चुनाव हार गए
  • आरोप लगने के बाद जेडीएस पार्टी से निलंबित कर दिए गए

सामाजिक और कानूनी महत्व

  • यह भारत में पहली बार है जब किसी पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार के सदस्य को बलात्कार के मामले में उम्रकैद हुई।
  • यह फैसला संदेश देता है कि कानून के सामने कोई भी विशेष नहीं है, चाहे उसका राजनीतिक कद कितना भी बड़ा क्यों न हो।
  • अदालत ने पीड़िता की सुरक्षा और मुआवजे को प्राथमिकता दी, जिससे समाज में न्याय का भरोसा मजबूत होगा।

NGV PRAKASH NEWS का विश्लेषण

यह मामला भारतीय राजनीति और न्याय व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक सबक है।

  • शक्ति और प्रतिष्ठा के बावजूद अपराध की सजा तय है।
  • महिला सुरक्षा और न्यायिक सक्रियता का यह एक सशक्त उदाहरण है।
  • यह फैसला भविष्य में भी उन मामलों के लिए मिसाल बनेगा, जहां सत्ता और प्रभाव अपराध पर पर्दा डालने की कोशिश करते हैं।

NGV PRAKASH NEWS


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