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पूर्वांचल और बुंदेलखंड में बाढ़ का कहर: प्रयागराज से वाराणसी तक गंगा-यमुना उफान पर, 17 जिले प्रभावित
लखनऊ, 4 अगस्त 2025
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और बुंदेलखंड में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारी बारिश और नदियों के उफान ने प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, विंध्याचल और कानपुर सहित 17 जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है। गंगा, यमुना और बेतवा नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं।
🌊 प्रयागराज: संगम नगरी में जल प्रलय
प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं।
- नैनी और फाफामऊ में गंगा-यमुना का जलस्तर क्रमशः 86.03 मीटर और 86.04 मीटर दर्ज हुआ।
- 200 से अधिक गाँव और शहर की 60 बस्तियां जलमग्न हो गईं।
- राजापुर, सलोरी, दारागंज और बघाड़ा जैसे मोहल्लों में पानी भर गया है।
प्रशासन ने राहत शिविर स्थापित किए हैं और कई स्कूलों में शिक्षण कार्य स्थगित कर दिया गया है। एनडीआरएफ की टीमें नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा रही हैं।
🌊 वाराणसी: घाट जलमग्न, आरती और दाह संस्कार छतों पर
वाराणसी में गंगा का जलस्तर 71.66 मीटर तक पहुँच गया है, जो खतरे के निशान 71.26 मीटर से ऊपर है।
- दशाश्वमेध, मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पूरी तरह जलमग्न।
- प्रसिद्ध गंगा आरती अब अस्थायी मंच और छतों पर की जा रही है।
- दाह संस्कार भी ऊँचे चबूतरों पर किया जा रहा है।
अधिकारियों ने घाटों पर नाव संचालन पूरी तरह बंद कर दिया है और घाट क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात है।
🌊 मिर्जापुर और विंध्याचल: मुख्य मार्ग बंद, श्रद्धालु परेशान
मिर्जापुर और विंध्याचल में गंगा ने रौद्र रूप धारण कर लिया है।
- मिर्जापुर-भदोही और मिर्जापुर-वाराणसी मार्ग पर पानी भर गया है।
- बसवरिया घाट से बरतर-कंतित मार्ग भी बंद कर दिया गया है।
- विंध्यवासिनी मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
कछवां पुलिस और प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों को रोक दिया है और NDRF की टीम सतर्क है।
🌊 कानपुर: गाँव डूबे, राहत कार्य जारी
कानपुर नगर और देहात में गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के गाँव जलमग्न हो गए हैं।
- कई स्थानों पर घरों में कमर तक पानी घुस गया।
- प्रशासन ने 50 से अधिक राहत शिविर बनाए हैं।
🛟 प्रशासनिक तैयारी और राहत
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “टीम-11” को प्रभावित जिलों में राहत कार्य की जिम्मेदारी सौंपी है।
- राज्य में 402 गाँव बाढ़ से प्रभावित, 84,000 से अधिक लोग संकट में।
- 11,000 लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव संचालन बंद, हेल्पलाइन नंबर और मेडिकल कैंप सक्रिय हैं।
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और बुंदेलखंड क्षेत्रों में बाढ़ की यह स्थिति अगले 48 घंटे तक और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है।
स्रोत: NGV PRAKASH NEWS
