… गोलियों से छलनी कर दिया जाएगा..


देवरिया, 26 अगस्त 2025
उत्तर प्रदेश की सियासत को हिला देने वाली खबर देवरिया से आई है। बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी को जान से मारने की धमकी ईमेल और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी गई। धमकी में साफ तौर पर लिखा गया कि विधायक को गोलियों से छलनी कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी चेतावनी दी गई।
देवरिया सदर थाने के SHO दुर्गेश कुमार सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने त्वरित जांच शुरू कर दी है।
👉 प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने धमकी देने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला क्या है?
विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने 25 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे बनी एक मजार पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी।
👉उनका आरोप था कि मजार का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और इसमें बंजर भूमि, नाले और यहां तक कि राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा भी शामिल कर लिया गया है।
विधायक ने सवाल खड़ा किया था कि जब कोई मानचित्र पास ही नहीं हुआ, तो ओवरब्रिज के पास निर्माण कैसे हो गया।
👉उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 28 साल पहले आरएसएस प्रचारक रामनगीना यादव की हत्या तब कर दी गई थी, जब उन्होंने इसी मजार की वैधता पर सवाल उठाया था।
प्रशासन की कार्रवाई
विधायक की शिकायत पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए थे कि भूमि अभिलेखों की जांच की जाए और अगर कब्जा अवैध पाया जाए तो तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए। इसी मुद्दे पर विधायक ने मुख्यमंत्री को सतर्क किया था कि स्थानीय लोग डर के कारण इस विषय पर खुलकर बोल नहीं पाते, जबकि हाल के दिनों में इस स्थल पर बाहरी लोगों की संदिग्ध बैठकों की जानकारी भी मिली है।
पुलिस की जांच
धमकी का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश तो नहीं। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक और सामाजिक असर
इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल देवरिया बल्कि पूरे पूर्वांचल की राजनीति को गरमा दिया है। विधायक द्वारा उठाया गया मुद्दा धार्मिक स्थल और अतिक्रमण से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील माना जा रहा है। मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचने और धमकी के बाद गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है।
NGV PRAKASH NEWS
