आगरा में भी धर्मांतरण ग्रुप का पर्दाफाश. 8 हुये गिरफ्तार

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आगरा में धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़, आठ आरोपी गिरफ्तार

आगरा, 03 सितम्बर 2025।
शाहगंज पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी समेत तीन महिलाओं सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह गरीब और अशिक्षित लोगों को बहाने से प्रार्थना सभा में बुलाता था और उन्हें ईसाई धर्म अपनाने पर बीमारी और गरीबी दूर होने का झांसा देता था।

🎭 कैसे चल रहा था धर्मांतरण का खेल?

आरोपियों का तरीका सुनियोजित था।

  • सभा के दौरान लोगों से कहा जाता था कि हिंदू धर्म की मान्यताओं को छोड़कर ईसाई धर्म अपनाओ, सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।
  • कई बार मीट परोसकर हिंदू परंपराओं से अलग होने के लिए प्रेरित किया जाता था।
  • राजकुमार लालवानी झाड़-फूंक और “यीशु के चमत्कार” का नाटक करके लोगों को विश्वास में लेता था।
  • बीमारी दूर करने और परिवार की समस्याओं के समाधान के नाम पर 5 से 10 हजार रुपये तक वसूले जाते थे

🌐 तकनीक का सहारा

गिरोह सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल कर रहा था।

  • गूगल मीट पर लिंक भेजकर प्रार्थना सभाएं आयोजित होती थीं, जिनसे देश-विदेश तक के लोग जुड़ जाते थे।
  • आरोपी ने “चर्च ऑफ गॉड” नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसमें 86 सदस्य जुड़े हुए थे।
  • इसी नाम से उसने यूट्यूब चैनल बनाया और प्रार्थना सभाओं के वीडियो अपलोड करता था।
  • पुलिस जांच में सामने आया कि इसमें स्पेन और दुबई के लोग भी शामिल होते थे।

📖 पुलिस की बरामदगी

गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद हुआ:

  • 15 बाइबिल
  • 3 ईसाई गीतों की किताबें
  • 4 डायरी और 8 कॉपियां
  • 6 मोबाइल फोन
  • 2 लग्जरी कारें
  • ₹13,165 नकद

🧾 आरोपी और उनका नेटवर्क

मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी (निवासी केदार नगर, शाहगंज) के साथ कई लोग जुड़े थे—

  1. अनूप कुमार (पंचशील कॉलोनी, दौरेठा)
  2. कमल कुंडलानी (राहुल ग्रीन, दयालबाग)
  3. जयकुमार (राधे हाइट्स, सिकंदरा)
  4. अरुण (बारह खंबा, शाहगंज क्षेत्र)
    साथ ही तीन महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया है।

राजकुमार की पृष्ठभूमि भी चौंकाने वाली है। चार साल पहले वह महाराष्ट्र के उल्लास नगर गया और वहीं से ईसाई धर्म अपनाया। घर लौटने के बाद उसने बड़े पैमाने पर धर्मांतरण शुरू किया।

🔎 पुलिस जांच और विदेशी कनेक्शन

डीसीपी सिटी ने बताया कि गिरोह के तार विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं। पाकिस्तान, कनाडा और अमेरिका से फंडिंग की जानकारी सामने आई है।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने कहा कि जेल भेजे गए आरोपियों से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही अन्य नामों को भी केस में शामिल किया जाएगा।


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