

बस में महिला क्रिएटर को अधेड़ व्यक्ति की गलत नजरों का सामना, कैमरे में कैद हुई घिनौनी हरकत
तिरुवनंतपुरम, 05 सितम्बर 2025।
आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं, जो महिलाओं के पहनावे को ही उनकी सुरक्षा और इज्जत से जोड़कर देखने लगते हैं। लेकिन सच यह है कि गलत नीयत रखने वाले की सोच ही अपराध की असली जड़ है। इसी मानसिकता को उजागर करती एक घटना केरल से सामने आई है, जहां एक महिला कंटेंट क्रिएटर को पारंपरिक साड़ी पहनने के बावजूद भरी बस में छेड़खानी जैसे बर्ताव का सामना करना पड़ा।
कैमरे में कैद हुआ अधेड़ व्यक्ति का घूरना
महिला ने सोशल मीडिया पर जो वीडियो साझा किया, उसमें वह बस में साड़ी पहने बैठी दिखती हैं। उनके बगल में बैठे अधेड़ उम्र का व्यक्ति बार-बार उन्हें गलत नजरों से घूरता हुआ साफ दिखाई देता है। जब महिला उसकी तरफ देखती हैं, तो वह झट से नजरें फेर लेता है, मानो कुछ हुआ ही न हो। लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसकी वही हरकत दोबारा शुरू हो जाती है।
महिला का सशक्त जवाब
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान महिला ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा—
“अगर तुम मुझे गलत नजरों से देखोगे तो तुम्हारी आंखें बाहर आ जाएंगी। मैंने यह बात शेरनी की तरह कही और बस से उतर गई। गर्व से ओणम मनाया।”
बड़ा सवाल: दोष किसका?
यह घटना एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि महिलाओं के कपड़े नहीं, बल्कि कुछ लोगों की गंदी सोच ही समस्या की जड़ है। चाहे महिलाएं साड़ी, सूट या वेस्टर्न ड्रेस पहनें—गलत नीयत रखने वाला हर जगह अपनी मानसिकता का परिचय दे ही देता है।
जरूरत है बदलाव की
ऐसे मामलों से साफ है कि समाज को महिलाओं के पहनावे पर नहीं, बल्कि पुरुषों की सोच पर सवाल उठाने की जरूरत है। जागरूकता, शिक्षा और कड़े कानून ही ऐसी मानसिकता पर रोक लगा सकते हैं।
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