शराब पिलाते,मांस खिलाते और पिलाते खून : उसके बाद..

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आगरा: धर्मांतरण गिरोह का मास्टरमाइंड रिमांड पर जाएगा, बैंक खातों की पड़ताल शुरू

आगरा के थाना शाहगंज पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले जिस गिरोह का भंडाफोड़ किया था, उसका मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी अब पुलिस रिमांड पर जाने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को पुलिस कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर उसे रिमांड पर लेने की औपचारिकता पूरी करेगी। पुलिस के निशाने पर आरोपी के बैंक खाते भी हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर कब-कब, कहां से और कितनी रकम उसके पास पहुंची।

मंगलवार को शाहगंज पुलिस ने केदार नगर के एक घर में छापा मारकर इस गिरोह का पर्दाफाश किया था। आरोप है कि यह गिरोह बीमारी और कष्ट दूर करने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद उन्हें हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया के दौरान अनुयायियों पर कई तरह के दबाव डाले जाते थे। उन्हें कलावा पहनने और तिलक लगाने से मना किया जाता था। घर में मूर्ति रखने तक की मनाही थी।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सभाओं में शामिल होने वालों को मांस खिलाया जाता और खून पिलाया जाता था। पुलिस के अनुसार, यह ‘प्रथा’ ईसाई धर्म अपनाने की प्रक्रिया का हिस्सा बताई जाती थी। हालांकि इस पूरे आयोजन के बाद किसी तरह का आधिकारिक प्रमाणपत्र नहीं दिया जाता था। इतना ही नहीं, कई बार कष्ट दूर करने के नाम पर अनुयायियों से पैसे भी वसूले जाते थे, जिन्हें बाद में गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।

मुख्य आरोपी राजकुमार से पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारी मिली है। बताया गया कि उसे महाराष्ट्र और हरियाणा से फंडिंग मिलती थी। कई बार रकम उसकी बेटी के खाते में भी भेजी जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर कौन लोग उसे लगातार आर्थिक मदद कर रहे थे और उनके तार कहां तक जुड़े हैं।

एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने पुष्टि की है कि इस मामले में गहराई से पड़ताल की जा रही है। गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसके लिए आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। साथ ही, बैंक खातों की लेन-देन की जानकारी भी खंगाली जा रही है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी राजकुमार सिर्फ व्यक्तिगत सभाओं तक सीमित नहीं था। वह गूगल मीट पर ऑनलाइन प्रार्थनासभा आयोजित करता था। इसके लिए कई सहयोगी नए लोगों को जोड़ने का काम करते थे। यूट्यूब चैनल पर भी वीडियो अपलोड करके धर्म परिवर्तन का प्रचार किया जाता था। इन सभाओं में न केवल देश के विभिन्न शहरों से, बल्कि दुबई और स्पेन जैसे देशों से भी लोग जुड़ते थे। पुलिस ने आरोपी के पास से एक डायरी और रजिस्टर बरामद किया है, जिसमें कई नाम और मोबाइल नंबर दर्ज हैं। फिलहाल उनकी भी पड़ताल की जा रही है।

यह मामला आगरा ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण की गतिविधियों पर सवाल खड़ा करता है। पुलिस की आगे की जांच और कोर्ट की कार्यवाही इस पूरे नेटवर्क की असली तस्वीर सामने लाने में अहम साबित हो सकती है।

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