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उत्तर प्रदेश में मौसम का बदलता मिजाज: कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट
लखनऊ/बस्ती, 9 सितंबर 2025।
उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर करवट ले ली है। सोमवार को पश्चिमी यूपी और तराई के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए मंगलवार और आने वाले 72 घंटों तक पूर्वी एवं तराई जिलों में मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 11 सितंबर से मानसूनी ट्रफ रेखा उत्तर की ओर खिसकने लगेगी। इसका असर गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच समेत तराई क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। यहां मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
इन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है।
वाराणसी और गंगा का जलस्तर
वाराणसी में मंगलवार को बादल छाए रहे और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार गंगा नदी चेतावनी स्तर (70.26 मी.) से ऊपर 70.71 मीटर तक पहुंच गई है। हालांकि खतरे के स्तर (71.26 मी.) से यह अभी 0.55 मीटर नीचे है, लेकिन बढ़ते जलस्तर को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
अगले 72 घंटे अहम
- 11 से 13 सितंबर तक कई जिलों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
- तराई और पूर्वी यूपी में जलजमाव और निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका जताई जा रही है।
- मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, खुले मैदानों में जाने से बचने और वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित स्थान तलाशने की अपील की है।
जनता से अपील..
उत्तर प्रदेश में इस समय मौसम तेजी से बदल रहा है। एक ओर उमस भरी गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर भारी बारिश और वज्रपात नई चुनौती बन सकते हैं। प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।
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