70 साल के बुजुर्ग के पीछे पड़ा नांग, 14 बार डसा फिर भी…

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झांसी के चिरगांव में बुजुर्ग के पीछे पड़ा ‘रहस्यमयी सांप’, 14 बार डसने के बाद भी जीवित हैं सीताराम

10 सितंबर 25.

झांसी जिले के चिरगांव क्षेत्र के ग्राम पट्टी कुम्हर्रा से एक अजीबोगरीब और रहस्यमयी घटना सामने आई है। गांव के 70 वर्षीय बुजुर्ग सीताराम को अब तक एक ही सांप 14 बार डस चुका है। हैरानी की बात यह है कि हर बार मौत के मुंह से बाहर आने के बावजूद वही सांप हर तीन साल बाद उन्हें निशाना बना देता है।

पहली बार 35 साल की उम्र में डसा था सांप

सीताराम बताते हैं कि करीब 35 वर्ष की उम्र में उन्हें पहली बार सांप ने डसा था। उस समय गांव के वैद्य ने घरेलू नुस्खों से उनका इलाज किया और वे बच निकले। लेकिन इसके बाद यह मानो उनके जीवन का श्राप बन गया। हर तीन साल बाद वही सांप कहीं न कहीं उन्हें अपना शिकार बना देता है।

मंदिर परिसर में हुआ ताजा हमला

हाल ही में सीताराम खेड़ापति हनुमान मंदिर दर्शन के लिए गए थे। उसी दौरान मंदिर परिसर की झाड़ियों से अचानक सांप निकल आया और फुंकार भरते हुए उनके पैर में डस लिया। घटना देख गांववाले सन्न रह गए। कुछ लोग मंत्र-जाप करने लगे तो कुछ ने सांप को मारने की कोशिश की। आनन-फानन में सीताराम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई।

गांव में फैली दहशत और अंधविश्वास

गांववालों के बीच इस घटना ने तरह-तरह की कहानियों को जन्म दे दिया है। कोई इसे नाग-नागिन का बदला बता रहा है, तो कोई इसे पिछले जन्म का पाप मान रहा है। कुछ लोग इसे पुनर्जन्म की दुश्मनी कह रहे हैं, जबकि युवा इसे फिल्मी अंदाज में “नागिन सीरियल का असली किस्सा” बताकर मजाक भी उड़ा रहे हैं। डर इतना है कि अब लोग सीताराम के पास अकेले बैठने से भी कतराने लगे हैं।

डॉक्टरों ने बताया वैज्ञानिक कारण

वहीं डॉक्टरों का कहना है कि सीताराम का बार-बार बचना किस्मत और उनकी मजबूत प्रतिरोधक क्षमता का नतीजा है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, हर सांप का काटना जानलेवा नहीं होता और कई बार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी विष के प्रभाव को कमजोर कर देती है। लेकिन ग्रामीण इन वैज्ञानिक तर्कों को दरकिनार कर इसे रहस्यमयी चमत्कार मान रहे हैं।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा

अब यह घटना गांव की चौपाल से निकलकर सोशल मीडिया तक पहुंच गई है। लोग इसे अंधविश्वास और आस्था से जोड़कर चर्चा कर रहे हैं। वहीं सीताराम खुद कहते हैं— “मैंने जिंदगी का लंबा सफर तय कर लिया है, अब डर नहीं लगता, लेकिन समझ नहीं आता कि यह सांप आखिर मेरा पीछा क्यों कर रहा है।”

👉 यह रहस्यमयी घटना ग्रामीण समाज में अंधविश्वास और वैज्ञानिक सोच के बीच गहरी खाई को उजागर करती है।

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