Gyan Prakash Dubey


बस्ती में लगातार हो रही फर्जी चोरी की घटनाओं का खुलासा
बस्ती, 16 सितम्बर 2025।
जिले में चोरी की बढ़ती अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के बीच पुलिस ने कई मामलों का खुलासा कर हकीकत सामने रख दी है। जांच में पाया गया कि हाल के दिनों में दी गई कई चोरी की सूचनाएं पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत थीं। इनमें कहीं सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की मंशा थी, तो कहीं व्यक्तिगत लाभ उठाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से पुलिस को गुमराह किया गया।
👉लालगंज क्षेत्र – यूट्यूब व्यूज़ बढ़ाने के लिए फर्जी चोरी
थाना लालगंज के ग्राम बसौरी में एक महिला ने डायल-112 पर सूचना दी कि घर का ताला तोड़कर चार लोग गहने चुरा ले गए। फॉरेंसिक टीम और पुलिस बल के मौके पर पहुंचने पर जांच में साफ हुआ कि कोई चोरी नहीं हुई थी। महिला, जो यूट्यूबर है, ने केवल अपने चैनल पर व्यूज़ बढ़ाने के लिए यह झूठी सूचना दी थी। पुलिस ने उसे चेतावनी दी है कि भविष्य में दोबारा ऐसा करने पर कड़ी कार्यवाही होगी।
👉वॉल्टरगंज क्षेत्र – गहनों को खुद गाड़कर फैलाई चोरी की अफवाह
ग्राम पकड़ी भीखी में चोरी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। छानबीन में घटना संदिग्ध लगी। गहन पूछताछ में सामने आया कि कालर की भाभी ने अपने ही गहनों को घर के अंदर जाता (पीसने वाली चक्की) के नीचे मिट्टी में गाड़कर छिपा दिया था और फिर ननद से 112 पर चोरी की झूठी कॉल कराई। पूछताछ के बाद गहने बरामद हुए, जिनमें मंगलसूत्र, पायल, अंगूठी, कंगन और 4000 रुपये नकद शामिल थे। पुलिस ने इन्हें कब्जे में लेकर विधिक कार्यवाही शुरू कर दी।
👉छावनी क्षेत्र – सफाई के दौरान गहने रखे, सूचना बनी फर्जी
थाना छावनी क्षेत्र की सुनीता सिंह ने सूचना दी कि उनके घर से गहने चोरी हो गए। मौके पर जांच में पाया गया कि गांव का ही एक व्यक्ति घर की सफाई कर रहा था। सफाई के दौरान उसे गहनों से भरा पर्स फ्रिज के नीचे मिला जिसे उसने सुरक्षित एक झोले में रख दिया था, लेकिन बताना भूल गया। बाद में जब गहने मिल गए तो सुनीता ने खुद ही स्वीकार किया कि जल्दबाजी में उसने झूठी चोरी की सूचना पुलिस को दे दी थी।
👉पुलिस की सख्त अपील
बस्ती पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन के निर्देशन में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह और क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारियों के पर्यवेक्षण में अलग-अलग थाना क्षेत्रों की पुलिस ने घटनाओं का सत्य उजागर किया।
पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह की फर्जी सूचनाओं से पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग होता है और वास्तविक अपराध की जांच प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में भविष्य में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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