प्रदेश में हुआ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल..16 IAS के हुए तबादले..

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उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 16 IAS अधिकारियों के तबादले

लखनऊ, 16 सितम्बर 2025।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राज्य प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए 16 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस फेरबदल में राजधानी लखनऊ समेत कई महत्वपूर्ण जिलों और विभागों के शीर्ष पदों पर नई नियुक्तियां की गईं।

लखनऊ की कमान बदली

लखनऊ की मंडलायुक्त रोशन जैकब को हटा दिया गया है। उनकी जगह विजय विश्वास पंत को लखनऊ का नया मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है। यह बदलाव राजधानी के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि लखनऊ को सूबे की प्रशासनिक धुरी कहा जाता है।

अहम नियुक्तियां

  • बी. चंद्रकला को सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
  • किंजल सिंह को परिवहन आयुक्त नियुक्त किया गया।
  • बी.एन. सिंह का तबादला कर उन्हें सचिवालय प्रशासन विभाग में सचिव पद दिया गया है।
  • रंजन कुमार को प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा पद से हटाकर औषधि प्रशासन विभाग से जोड़ा गया है।
  • सुहास एल.वाई. को महानिदेशक युवा कल्याण एवं प्रवर्तन रक्षक दल का अतिरिक्त प्रभार मिला।
  • चैत्रा वी. को महानिदेशक आयुष नियुक्त किया गया।
  • संजय कुमार खत्री को बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण का प्रभारी सीईओ बनाया गया।
  • कंचन वर्मा को आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
  • मोनिका रानी को प्रभारी महानिदेशक स्कूल शिक्षा नियुक्त किया गया।

सरकार के मुताबिक, इस व्यापक फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, तेज़ और पारदर्शी बनाना है। अधिकारियों को उनके अनुभव और दक्षता के आधार पर नए पद दिए गए हैं ताकि विभिन्न विभागों के कामकाज में सुधार हो सके।

बी. चंद्रकला फिर चर्चा में

इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा बी. चंद्रकला की नियुक्ति को लेकर हो रही है।

  • उनका जन्म 27 सितम्बर 1979 को तेलंगाना के करीमनगर जिले में हुआ था।
  • वह 2008 बैच की IAS अधिकारी हैं।
  • उन्हें उनकी सख्त और ईमानदार कार्यशैली के कारण ‘लेडी दबंग’ कहा जाता है।
  • रेत के अवैध खनन से जुड़े एक मामले में उनका नाम भी आया था, जिसके बाद सीबीआई ने उनके ठिकानों पर छापे मारे थे।
  • इसके बावजूद, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ उनके अभियानों ने उन्हें जनता के बीच खासा लोकप्रिय बना दिया है।

इस बड़े फेरबदल को उत्तर प्रदेश सरकार की रणनीतिक पहल माना जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न विभागों में बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। यह कदम आने वाले महीनों में प्रदेश की नौकरशाही और शासन व्यवस्था की दिशा तय कर सकता है।

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