

फिल्मी स्टाइल में हत्या और सबूत मिटाने की कोशिश..
आगरा,
17 सितंबर 2025,
आगरा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया. करीब 19 महीने पहले हुई एक वारदात का खुलासा अब जाकर हुआ है, जिसमें युवक की हत्या कर शव को ड्रम में भरकर पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया गया था. चूंकि शव पूरी तरह जल चुका था, इसलिए पहचान करना लगभग नामुमकिन था. यही वजह रही कि यह केस पुलिस के लिए एक ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री बन गया.
घटना की पूरी कहानी
मलपुरा थाना क्षेत्र में 18 फरवरी 2024 की रात मृतक राकेश को उसके रिश्ते के फूफा देवी राम ने मिठाई की दुकान पर बुलाया. राकेश को अंदेशा भी नहीं था कि यह बुलावा उसकी मौत का कारण बन जाएगा. जांच में सामने आया कि राकेश के देवी राम की नाबालिग बेटी से संबंध थे और वह उसकी आपत्तिजनक तस्वीरों को दिखाकर ब्लैकमेल कर रहा था. इसी आक्रोश में देवी राम ने हत्या की साजिश रची.
दुकान पर बुलाने के बाद, आरोपी ने मफलर और लोहे के तार से राकेश का गला घोंट दिया. इसके बाद अपने भतीजे नित्य किशोर की मदद से शव को प्लास्टिक के ड्रम में भरकर लोडर से खारी नदी किनारे सुनसान जगह ले जाया गया. वहां दोनों ने शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. वारदात के बाद सबूत मिटाने के लिए मृतक का मोबाइल, मफलर और तार नदी में फेंक दिए गए, जबकि बाइक हाईवे पर छोड़ दी गई.
पुलिस की कड़ी मेहनत से खुला राज
20 फरवरी 2024 को पुलिस को अधजला शव बरामद हुआ. परिजन भी पहचान नहीं कर पाए, लेकिन पुलिस ने शव का डीएनए टेस्ट कराया, जो राकेश की मां से मैच हो गया. इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने केस की परतें खोलनी शुरू कीं. आखिरकार 15 सितंबर 2025 को मुख्य आरोपी देवी राम को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया. फिलहाल उसका भतीजा नित्य किशोर फरार है और उसकी तलाश जारी है.
पुलिस की भूमिका
इस जघन्य ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा मलपुरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त मेहनत से हुआ. लगभग डेढ़ साल से अधिक समय तक जांच जारी रहने के बाद सच सामने आया. पुलिस का कहना है कि अपराध चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून से बच पाना नामुमकिन है.
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