नवरात्रि पर हवन का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व..

नवरात्रि पर विशेष..

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नवरात्रि में हवन का महत्व : परंपरा और विज्ञान का अद्भुत संगम

भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में हवन का विशेष स्थान है। नवरात्रि जैसे पावन अवसर पर हवन का आयोजन देवी शक्ति की आराधना के साथ-साथ वातावरण को शुद्ध और ऊर्जा से परिपूर्ण करने के लिए किया जाता है। हमारी प्राचीन परंपराओं ने सदियों पहले ही इसकी महत्ता को स्वीकार किया था, जिसे आज आधुनिक विज्ञान भी प्रमाणित कर रहा है।

शरद नवरात्रि के समय जब बरसात का अंत और सर्दियों की शुरुआत होती है, तब वातावरण में वायरस और कीटाणुओं का असर अधिक रहता है। इस मौसम में पाचन शक्ति भी कमजोर हो जाती है। ऐसे समय में नौ दिनों का व्रत, हल्का भोजन, पूजा-पाठ और हवन का विशेष महत्व माना गया है।

घर और मंदिरों में किए जाने वाले हवन में जड़ी-बूटियों का विशेष मिश्रण डाला जाता है, जिससे वातावरण में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस नष्ट होते हैं और बीमारियों से बचाव होता है।

वैज्ञानिक प्रमाण

फ्रांस के वैज्ञानिक ट्रेले ने अपने शोध में पाया कि आम की लकड़ी से किए गए हवन में फॉर्मिक एल्डिहाइड गैस उत्पन्न होती है, जो वातावरण के खतरनाक जीवाणुओं को नष्ट कर देती है। गुड़ जलाने पर भी यही गैस निकलती है, जो रोगाणु नाशक होती है।

इसी तरह वैज्ञानिक टौटीक के शोध में सामने आया कि यदि कोई व्यक्ति आधे घंटे तक हवन के धुएं के संपर्क में रहे, तो टाइफाइड जैसे गंभीर रोग फैलाने वाले जीवाणु भी मर जाते हैं और शरीर शुद्ध होता है।

राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान, लखनऊ ने भी हवन पर गहन अध्ययन किया। केवल आम की लकड़ी जलाने से बड़ा असर नहीं देखा गया, लेकिन जब उसमें हवन सामग्री डाली गई तो परिणाम चौंकाने वाले थे। एक घंटे में ही कमरे में मौजूद बैक्टीरिया का स्तर 94 प्रतिशत तक घट गया।

यह भी पाया गया कि दरवाजे-खिड़की खोल देने और धुआं निकल जाने के बाद भी अगले 24 घंटे तक बैक्टीरिया का स्तर सामान्य से 96 प्रतिशत कम रहा। लगातार परीक्षणों में यह असर एक माह तक बना रहा।

दिसंबर 2007 में जर्नल ऑफ एथ्नोफार्माकोलॉजी में प्रकाशित शोध में यह भी दर्ज है कि हवन न केवल मनुष्यों के लिए लाभकारी है, बल्कि यह फसलों और पौधों को नुकसान पहुँचाने वाले बैक्टीरिया का भी नाश करता है। इससे रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग को कम किया जा सकता है।

निष्कर्ष

नवरात्रि में हवन का महत्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है। यह वातावरण को प्रदूषणमुक्त करने, रोगाणुओं का नाश करने और शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने का अद्भुत साधन है। यही कारण है कि हवन नवरात्रि पूजा का अभिन्न अंग बना हुआ है, जो आस्था और विज्ञान दोनों का संतुलित संगम प्रस्तुत करता है।

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