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वाराणसी में महिला SHO रंगे हाथ गिरफ्तार — दहेज उत्पीड़न मामले में रिश्वतखोरी ने खोली पुलिस की कार्यशैली की पोल
वाराणसी, 17 अक्टूबर 2025
वाराणसी में शुक्रवार को एक बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई में एंटी करप्शन टीम ने महिला थाना प्रभारी निरीक्षक सुमित्रा देवी को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके ही थाने के अंदर से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में महिला सिपाही अर्चना राय को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि दहेज उत्पीड़न के एक मामले में सुमित्रा देवी ने आरोपियों का नाम हटाने के लिए रिश्वत की मांग की थी।
एंटी करप्शन टीम को एक दिन पहले शिकायत मिली थी कि सुमित्रा देवी दहेज उत्पीड़न के मामले में शामिल कुछ लोगों के नाम निकालने के बदले प्रति व्यक्ति निश्चित राशि वसूल रही हैं। शिकायत जलालपुर, भदोही निवासी मेराज ने की थी। मेराज और उसके परिजनों पर महिला थाना कोतवाली में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज था। मेराज का कहना था कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। गुरुवार को जब वह अपनी बात रखने थाना प्रभारी से मिला, तब सुमित्रा देवी ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी — जिसमें 10 हजार रुपये पहले और शेष राशि बाद में देने की बात तय हुई।
मेराज ने इसकी सूचना एंटी करप्शन टीम को दी। टीम ने गुप्त रूप से जाल बिछाया और शुक्रवार सुबह मेराज रिश्वत की रकम लेकर महिला थाना पहुंचा। सुमित्रा देवी ने रकम महिला कांस्टेबल अर्चना राय को देने का निर्देश दिया और कहा कि आरोपियों के नाम जांच से हटा दिए जाएंगे। जैसे ही रकम सौंपी गई, मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम ने दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर कैंट थाने ले जाया गया, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
बताया जा रहा है कि सुमित्रा देवी इससे पहले राजातालाब थाने में भी प्रभारी रह चुकी हैं। उनकी गिरफ्तारी ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। इस पूरे मामले ने पुलिस की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब रिश्वतखोरी का यह मामला दहेज उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मुद्दे से जुड़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं जनता और पुलिस के बीच विश्वास को कमजोर करती हैं। वहीं, पुलिस विभाग ने भरोसा दिलाया है कि इस प्रकरण में सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल, एंटी करप्शन टीम मामले की गहन जांच में जुटी है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस रिश्वतखोरी में अन्य कोई पुलिसकर्मी या बाहरी व्यक्ति भी शामिल था।
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