

अयोध्या, 20 अक्टूबर 2025
रामनगरी अयोध्या में इस वर्ष आयोजित नौंवे दीपोत्सव ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। वर्ष 2017 से शुरू हुई यह भव्य परंपरा अब न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया की निगाहों का केंद्र बन चुकी है। इस बार दीपोत्सव के मौके पर दो नए विश्व रिकॉर्ड दर्ज किए गए — 56 घाटों पर 26 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए और सरयू तट पर एक साथ महाआरती कर नया अध्याय लिखा गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर परिसर से दीपोत्सव का शुभारंभ किया। जैसे ही उन्होंने परिसर के मुख्य द्वार पर दीप प्रज्वलित किया, वैसे ही हजारों वालंटियर्स ने सरयू तट के घाटों पर दीप जलाना शुरू कर दिया। महज 15 मिनट में 26 लाख 17 हजार 215 दीप जलाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम हुआ। इसके साथ ही 2128 वेदाचार्यों द्वारा सरयू तट पर एक साथ की गई महाआरती ने दूसरा रिकॉर्ड बनाया। मौके पर ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने दोनों रिकॉर्ड की आधिकारिक घोषणा की और मुख्यमंत्री योगी को प्रमाण पत्र सौंपा।
दीपोत्सव के आगाज से पहले अयोध्या में 1100 ड्रोन के जरिए भव्य शो आयोजित किया गया। आसमान में ड्रोन से राम की आकृति उकेरी गई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राम की पैड़ी पर हुए लेजर और ड्रोन शो ने पूरे आयोजन को दिव्य और अलौकिक बना दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामकथा पार्क में राम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक किया और फिर राम मंदिर जाकर प्रथम तल पर स्थापित रामदरबार में शीश नवाया। उन्होंने रामलला की पूजा-अर्चना कर पूरे प्रदेश में दीप जलाने के अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष पूरे उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 51 लाख दीप जलाए जा रहे हैं।
दीपोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “जब हमने 2017 में अयोध्या धाम में दीपोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया था, तब हमारा उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना था कि वास्तव में दीप कैसे जलाए जाते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राम जन्मभूमि आंदोलन के समय राम को मिथक बताया था, जबकि समाजवादी पार्टी की सरकार में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को अस्वीकार करने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “ये वही लोग हैं जो बाबर की कब्र पर सजदा करते हैं, लेकिन श्रीराम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण मिलने पर इनकार कर देते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या “विकास और विरासत का अद्भुत संगम” प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने गर्व से कहा, “जहां कभी गोलियां चलती थीं, आज वहां दीप जलाए जा रहे हैं। अब उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से बाहर आ चुका है।”
दीपोत्सव 2025 ने एक बार फिर अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है।
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