⏩ खेतों में खड़े धान के फसल में भी अंकुरण हो गया चालू..


अगले 48 घंटे में धुआंधार बारिश: 1 से 5 नवंबर तक यूपी, बिहार, झारखंड, गुजरात समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 5 नवंबर तक उत्तर भारत, पूर्वी भारत और मध्य भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होगी।
चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ का असर
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी मध्य अरब सागर और उत्तर-पश्चिम झारखंड के आसपास एक दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) बन गया है, जिसकी वजह से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका असर विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश में दिखाई देगा।
यूपी में मौसम ने बदली करवट
उत्तर प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ का असर तेजी से बढ़ रहा है। बीते दो दिनों से बलिया, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ और वाराणसी समेत कई जिलों में रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 1 नवंबर से पूर्वी यूपी में तेज और कभी-कभी मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने बताया कि बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और अंबेडकरनगर जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
उत्तराखंड में भी बरसेगा आसमान
3 नवंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 4 से 6 नवंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी बारिश
31 अक्टूबर और 1 नवंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, आंध्र प्रदेश में 31 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 5 दिन तक बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और सिक्किम में भी गरज-चमक के साथ बारिश होगी और कई इलाकों में हवा की रफ्तार 30–40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
कुल मिलाकर, नवंबर की शुरुआत देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के साथ होने वाली है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।
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