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आगरा में सेक्सटॉर्शन गैंग का भंडाफोड़, हुस्न के जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग
एक युवती और साथी गिरफ्तार, गैंग में पूर्व जिला पंचायत सदस्य और सिपाही भी शामिल
आगरा, 03 दिसंबर 2025।
आगरा पुलिस ने ऐसे सेक्सटॉर्शन गैंग का पर्दाफाश किया है जो पुरुषों को निशाना बनाकर पहले उन्हें हुस्न के जाल में फंसाता था और फिर होटल में ले जाकर उनका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था। कमलानगर पुलिस ने गैंग से जुड़ी एक युवती और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह में आगरा, बाह और कानपुर से जुड़े प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब दस दिन पहले एक युवती होटल में दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंची। जांच कमलानगर थानाध्यक्ष को सौंपी गई। जांच के दौरान युवती के मोबाइल में कुछ आपत्तिजनक वीडियो मिले, जो खुद उसी द्वारा रिकॉर्ड किए गए प्रतीत हुए। इसी बीच एक पीड़ित भी थाने पहुंचा और पूरी कहानी सामने आ गई।
इस तरह जाल में फंसाती थी युवती
पीड़ित ने बताया कि युवती ने पहले उसे मिस्ड कॉल किया, फिर बातचीत बढ़ाई और मिलने का प्रस्ताव रखा। कमलानगर क्षेत्र के एक होटल में दोनों गए, जहां युवती ने उसे कोल्डड्रिंक दी। कोल्डड्रिंक के बाद वह बेहोश हो गया। कुछ दिन बाद बाह निवासी प्रवेश भारद्वाज ने कॉल कर दुष्कर्म का केस दर्ज कराने और वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए पैसों की मांग की। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और युवती तथा उसके साथी गणेश को गिरफ्तार कर लिया।
पेन ड्राइव से मिले कई नेताओं और अन्य लोगों के अश्लील वीडियो
गैंग की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को युवती की पेनड्राइव से कई आपत्तिजनक वीडियो मिले। इनमें शिकायतकर्ता, बाह क्षेत्र के एक नेता और फतेहाबाद के एक व्यक्ति का वीडियो शामिल है। पूछताछ में युवती ने बताया कि वह ‘थर्ड आई’ नामक हिडन कैमरा ऐप का इस्तेमाल करती थी, जो मोबाइल लॉक होने पर भी रिकॉर्डिंग करता रहता है। वीडियो के आधार पर अब तक दो लोगों से कुल 16 लाख रुपये वसूले जा चुके थे।
ऑनलाइन गेम में हारने के बाद जुड़ी थी गैंग से
आरोपी युवती काजल, जो मूल रूप से मैनपुरी की रहने वाली है, लंबे समय से वह अपने मामा के घर रह रही थी। उसने ऑनलाइन गेम खेलते हुए भारी रकम गंवा दी थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात प्रवेंद्र से हुई, जिसने उसे प्रवेश भारद्वाज और रियाज से मिलवाया। दोनों ने उसे लोगों को फंसाकर पैसे वसूलने की योजना में शामिल कर लिया।
गैंग में शामिल पुलिसकर्मी का विवादित इतिहास
फरार आरोपी और कानपुर में तैनात सिपाही रियाज पहले आगरा में तैनात रह चुका है। उस पर अपराधियों से साठगांठ, वसूली, परिवारिक विवाद और कार्बाइन गलत तरीके से रखने जैसे आरोप पहले भी लग चुके हैं।
खुद के जाल में ही फंस गए आरोपी
गैंग ब्लैकमेलिंग में जब एक मामले में सफल नहीं हुआ, तो युवती को डीसीपी सिटी के पास शिकायत लेकर भेजा। जांच में मोबाइल से मिले वीडियो ने उसकी पोल खोल दी। इसी बीच पीड़ित भी सामने आ गया और पुलिस ने गैंग के सक्रिय सदस्यों को पकड़ लिया। गैंग के अन्य सदस्यों—प्रवेश भारद्वाज, प्रवेंद्र और सिपाही रियाज—की तलाश जारी है।
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