भट्ठा मुनीम के हत्यारों को पुलिस ने दबोचा..

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गोंडा: पवन ब्रिक्स फील्ड के मुनीम की हत्या का खुलासा, तीन अभियुक्त गिरफ्तार—स्प्लेंडर बाइक और वारदात में इस्तेमाल बाका बरामद

गोंडा,
09 दिसंबर 2025,

थाना छपिया क्षेत्र के पवन ब्रिक्स फील्ड में मुनीम की हुई ब्लाइंड मर्डर की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण कर लिया है। छपिया पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार व्यक्तियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और धारदार बाका बरामद किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने सफल अनावरण के लिए टीम को 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।

घटना 04 दिसंबर की रात की है, जब पवन ब्रिक्स फील्ड में लगभग 14 वर्षों से मुनीम के पद पर कार्यरत राम सजीवन वर्मा की अज्ञात हमलावरों ने सोते समय धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। मजदूरों ने गंभीर रूप से घायल राम सजीवन को अयोध्या मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने इस ब्लाइंड मर्डर को गंभीर मानते हुए कई टीमों का गठन कर व्यापक स्तर पर जांच शुरू कराई।

मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल इनपुट पर काम करते हुए शक के आधार पर कई लोगों से पूछताछ की, जिसके बाद वारदात में शामिल तीन आरोपियों का पता चला। मंगलवार को छपिया पुलिस और एसओजी की टीम ने सिसई रानीपुर की ओर जाने वाले नहर पुलिया के पास से सचिन, बृजेश और महाजन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में मुख्य आरोपी सचिन ने बताया कि वह ईंट भट्ठे पर ट्रैक्टर चालक था और मुनीम राम सजीवन के लगातार अपमानित करने तथा नौकरी से निकालने की धमकी के कारण वह उनसे रंजिश रखता था। इस बीच भट्ठा मालिक ने जमीन बेचकर करीब 11 लाख रुपये मुनीम के पास सुरक्षित रखे थे, जिसकी जानकारी सचिन को पहले से थी। उसने पैसे हथियाने और रंजिश निकालने के इरादे से बृजेश और महाजन के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।

तीनों आरोपियों ने घटना से एक दिन पहले बभनान जाकर लोहे का बाका खरीदा था। वारदात वाली रात तीनों मोटरसाइकिल से भट्ठे के पीछे पहुंचे और झाड़ियों में बाइक छिपाकर ऑफिस के बरामदे के पास पहुंचे। सचिन ने राम सजीवन के हाथ पकड़ लिए, बृजेश ने पैर दबोचे और महाजन ने धारदार बाका से सिर, चेहरे और गर्दन पर कई वार किए। शोर होने पर तीनों घबरा गए और बिना रुपये लिए मौके से भाग निकले। महाजन ने बाका को कुछ दूरी पर नहर किनारे की सूखी झाड़ियों में फेंक दिया, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया।

गिरफ्तार तीनों आरोपी सिसई रानीपुर गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ छपिया थाने में पंजीकृत मुकदमे में आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे रंजिश और रुपये हथियाने की मंशा दोनों ही वजहें सामने आई हैं।

यह पूरा मामला दिखाता है कि पुरानी रंजिश, आर्थिक लालच और अचानक लिया गया आपराधिक निर्णय कैसे एक अनुभवी, 14 वर्षों से सेवा दे रहे मुनीम की जान पर भारी पड़ गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी विश्लेषण और टीमवर्क ने इस ब्लाइंड केस को जल्द सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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