पूर्वांचल एक्सप्रेसवे: खेतों में काम करने वाली महिलाएं भी नहीं सुरक्षित..

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👉 सांकेतिक चित्र..

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर प्राइवेसी पर हमला: हाईटेक कैमरों से नवविवाहित कपल का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल, तीन कर्मचारी गिरफ्तार—सुरक्षा सिस्टम पर बड़ा सवाल

👉 टोल प्लाजा के आसपास खेतों में काम करने वाले महिलॉओं में भी डर का माहौल

लखनऊ।
13 दिसंबर 2025

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने करोड़ों की लागत से आधुनिक और सुरक्षित यात्रा के उद्देश्य से बनाया था, अब गंभीर सवालों के घेरे में है। यहां लगाए गए हाईटेक स्मार्ट कैमरे स्पीड मॉनिटरिंग और दुर्घटनाओं की निगरानी के लिए लगाए गए थे, लेकिन एक सनसनीखेज खुलासा इस व्यवस्था की पोल खोलता है। एक्सप्रेसवे पर तैनात ATMS कंट्रोल रूम के कुछ कर्मचारियों ने इन कैमरों का दुरुपयोग करते हुए एक नवविवाहित कपल की निजी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया, उन्हें ब्लैकमेल किया और बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

25 अक्टूबर की घटना—ATMS कर्मियों ने रोमांस कर रहे कपल का वीडियो रिकॉर्ड कर बनाया ब्लैकमेलिंग टूल

नवविवाहित कपल की कार जब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 93 किलोमीटर प्वाइंट से गुजर रही थी, तब हलियापुर टोल के ATMS कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारियों की नजर उन पर पड़ी। कार में पति-पत्नी आपसी निजी क्षणों में थे। कर्मचारियों ने सीसीटीवी कैमरे से वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर चलाया।

इसके बाद दो कर्मचारी बाइक से लगभग 13 किलोमीटर तक कार का पीछा करते हुए पहुंचे। उन्होंने कार रोककर युवक को वीडियो दिखाया और वायरल करने की धमकी देते हुए पैसे की मांग की। इस वसूली का CCTV फुटेज भी सामने आया है।

चार दिन बाद वीडियो हुआ वायरल, पुलिस हरकत में आई

कपल ने डर के कारण घटना का खुलासा नहीं किया, लेकिन जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मामला मुख्यमंत्री के पास तक पहुंचा। पुलिस ने छानबीन शुरू की और ATMS के असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष सरकार को हिरासत में लिया।

पूछताछ में उसने चौंकाने वाली बात कही—
“पिछले ढाई साल में ऐसे हजारों मामले हुए, लेकिन वीडियो वायरल न होने के कारण कोई शिकायत सामने नहीं आई।”

जांच में पता चला कि इस बार वीडियो वायरल करने में नौकरी से निकाले गए कुछ कर्मचारियों की भूमिका रही है।

ब्लैकमेलिंग के लिए वीडियो आसान, दुर्घटना का फुटेज ‘गायब’—सिस्टम पर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ा विरोधाभास सामने आया।
अयोध्या के ब्रजेश उपाध्याय पिछले 15 दिनों से अपने भांजे के एक्सीडेंट का फुटेज ढूँढने के लिए कंट्रोल रूम के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली।

यहाँ सवाल यह है—
जहाँ ब्लैकमेलिंग के लिए वीडियो आसानी से रिकॉर्ड और इस्तेमाल किया जा रहा था, वहां जरूरतमंदों को जरूरी फुटेज क्यों उपलब्ध नहीं कराया गया?

तीन गिरफ्तार, एक फरार

पुलिस ने अब तक इन कर्मियों को गिरफ्तार किया है—

  • आशुतोष सरकार (असिस्टेंट मैनेजर)
  • अभिषेक तिवारी (कर्मचारी)
  • प्रमोद पटेल (सिस्टम इंजीनियर)

जबकि वीडियो वायरल करने वाला शशांक शेखर सिंह फरार है।

ग्रामीणों में डर—कैमरों की ‘निगाह’ खेतों तक

हलियापुर टोल के आसपास रहने वाले ग्रामीण बताते हैं कि कैमरों का एंगल इतना गहरा है कि खेतों में काम कर रही महिलाओं तक रिकॉर्ड हो सकती हैं। लोगों ने कहा कि सुरक्षा के लिए लगाए गए ये कैमरे अब निजता के लिए खतरा बन गए हैं। गांव वालों में डर और अविश्वास का माहौल है।

कंपनी ने कर्मचारियों को बर्खास्त किया, जांच जारी

SCIPL Superwave Communication and Infra Solutions Pvt. Ltd., जो ATMS का संचालन करती है, ने दोषी कर्मचारियों को तुरंत बर्खास्त कर दिया है और नए नियम लागू किए हैं ताकि भविष्य में ऐसा न हो।

पुलिस जांच अभी जारी है और यह घटना एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और निगरानी की मौजूदा प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करती है—
क्या हाईटेक सिस्टम लोगों की सुरक्षा कर रहा है या जरूरत से ज्यादा उनकी निजी जिंदगी में झांक रहा है?

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