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“वह मेरे साथ संबंध बनाना चाहती थी… इसलिए मार डाला”—आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, पति-पत्नी दोनों गिरफ्तार; आरोपी की बात सुन पुलिस भी रह गई दंग
वाराणसी।
13 दिसंबर 2025
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। बीते 11 दिसंबर को हुई इस निर्मम हत्या में पुलिस ने एक दंपती को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी मोहित यादव ने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी अंजलि के साथ मिलकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपमा उर्फ सीता (45) की हत्या की। उसने पुलिस को बताया—
“वह मेरे साथ सोना चाहती थी… मना करने पर पुलिस में फंसाने की धमकी देती थी, इसलिए मार डाला।”
यह बयान सुनकर पुलिस भी स्तब्ध रह गई।
कैसे मिली हत्या की जानकारी? — चीख सुनकर लौटे पति, पुलिस को दी सूचना
11 दिसंबर की सुबह सीता रोज की तरह पांच बजे उठकर खाना बना रही थीं। उनके पति शैलेश कुमार पटेल दूध बेचने के लिए घर से निकले थे। लगभग 10 बजे लौटे तो देखा कि उनकी पत्नी कमरे में खून से लथपथ गिरी हुई है।
स्थानीय लोग शोर सुनकर मौके पर जुट गए। शैलेश ने रिश्तेदार शुभम को फोन किया। उसने 112 नंबर पर सूचना दी। पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
सीसीटीवी और सर्विलांस से खुली गुत्थी — रेलवे स्टेशन से दबोचे गए आरोपी
शुक्रवार को पुलिस ने मीरापुर बसही निवासी मोहित यादव (21) और नवलपुर निवासी उसकी पत्नी अंजलि चौहान (21) को शिवपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।
दोनों के पास से बड़ी मात्रा में जेवर और ₹73,640 नकद बरामद किए गए।
बरामद सामान में शामिल:
- कान के झुमके, अंगूठी, चेन, टप्स
- नाक की कील, बिछिया, करधनी, पायल
- हाथ फूल (सफेद धातु)
कैसे बना रिश्ता, और कैसे बनी हत्या की साजिश?
मोहित यादव अपनी पत्नी के साथ सीता के घर के पास किराये पर रहता था। दूध खरीदने के दौरान सीता का उससे परिचय हुआ।
पुलिस के अनुसार, सीता की कोई संतान नहीं थी, और वह मोहित पर संबंध बनाने का दबाव डाल रही थीं।
मोहित ने बताया कि:
- सीता बच्चे पैदा करने के लिए उससे संबंध चाहती थीं
- मना करने पर उन्हें पुलिस में फंसाने की धमकी देती थीं
- वह मानसिक रूप से परेशान हो गया और उसने पत्नी से बात की
इसके बाद पति-पत्नी दोनों ने मिलकर सीता को हटाने की योजना बनाई।
हत्या की सुबह क्या हुआ? — पूरी प्लानिंग का खुलासा
11 दिसंबर की सुबह दंपती पांडेयपुर स्थित होम स्टे से निकले।
- अंजलि, सीता के घर के पास रुक गई
- मोहित पीछे के रास्ते से घुसा
- घर में पड़े सिलबट्टे और स्टील के ड्रम से सीता के सिर, चेहरे और गर्दन पर हमला किया
- उन्हें मौके पर ही मौत हो गई
इसके बाद मोहित ने सीता के पहने हुए सभी जेवर उतार लिए और अलमारी के जेवर भी ले लिए।
खून लगे कपड़ों को छुपाने के लिए उसने पत्नी की शॉल ओढ़ ली और ऑटो से वापस होम स्टे चला गया।
भागने से पहले पकड़ में आए—खून से सने कपड़े भी बरामद
13 दिसंबर की सुबह दोनों शिवपुर रेलवे स्टेशन से फरार होने की फिराक में थे।
पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूल की और घटना के समय पहने कपड़े झाड़ी में फेंकने की बात बताई। पुलिस ने उन्हें बरामद किया।
मामले की जांच में जुटी पुलिस टीम को मिलेगा ₹50,000 पुरस्कार
इस हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में शामिल थे—
- थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर
- उप निरीक्षक कृष्ण कुमार सरोज
- उप निरीक्षक गौरव सिंह
- उप निरीक्षक विद्यासागर चौरसिया
- उप निरीक्षक भूपेंद्र कुमार
- महिला उप निरीक्षक प्रतिभा शाही
- हेड कांस्टेबल लवकुश कुमार
- कांस्टेबल नीतीश कुमार तिवारी
- कांस्टेबल बालमुकुंद मौर्य
पुलिस आयुक्त ने टीम को ₹50,000 का इनाम घोषित किया है।
सामाजिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि उन मानसिक और सामाजिक खतरों की भी ओर इशारा करता है, जहां आपसी रिश्तों की जटिलता मौत का कारण बन जाती है।
पुलिस आगे की जांच में जुटी है।
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