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ट्रंप टैरिफ के बावजूद भारत की मजबूत वापसी, नवंबर में निर्यात बढ़ा और व्यापार घाटा घटा
नई दिल्ली, 15 दिसंबर 2025।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है। 27 अगस्त से लागू इस टैरिफ का शुरुआती असर कई क्षेत्रों पर पड़ा था, लेकिन नवंबर आते-आते तस्वीर बदलती नजर आई। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक न सिर्फ भारत का निर्यात बढ़ा है, बल्कि आयात में गिरावट के चलते व्यापार घाटा भी कम हुआ है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2025 में भारत का वस्तु व्यापार घाटा घटकर 24.53 अरब डॉलर रह गया, जबकि एक साल पहले इसी महीने यह 31.93 अरब डॉलर था। अक्टूबर में यह घाटा 41.68 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। व्यापार घाटे में यह कमी इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से आई है।
अमेरिका द्वारा पहले 25 प्रतिशत और फिर इसे दोगुना कर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद सितंबर और अक्टूबर में भारतीय निर्यात पर दबाव देखने को मिला था। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर रूस से तेल और हथियार खरीदकर यूक्रेन युद्ध में परोक्ष समर्थन देने का आरोप लगाया था। हालांकि भारत की रणनीति और वैकल्पिक बाजारों पर फोकस के चलते नवंबर में निर्यात ने पिछली गिरावट की भरपाई कर दी।
आंकड़ों के मुताबिक नवंबर में भारत का निर्यात 19.37 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 38.13 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि आयात 1.88 प्रतिशत घटकर 62.66 अरब डॉलर रह गया। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने नवंबर को आयात और निर्यात दोनों ही लिहाज से बेहतर महीना बताया। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र भी मजबूत बना हुआ है और नवंबर में अकेले अमेरिका को भारत का निर्यात 6.98 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.3 अरब डॉलर अधिक है। 50 प्रतिशत के उच्च टैरिफ के बावजूद अमेरिका को भारतीय निर्यात स्थिर बना हुआ है।
अप्रैल से नवंबर 2025 की अवधि में भारत का कुल माल निर्यात 292.07 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि आयात 515.21 अरब डॉलर रहा। इसी अवधि में अमेरिका को भारत का निर्यात बढ़कर 59.04 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 53.01 अरब डॉलर था।
अन्य व्यापारिक साझेदारों की बात करें तो संयुक्त अरब अमीरात को भारत का निर्यात 25.49 अरब डॉलर रहा, जबकि वहां से आयात 40.81 अरब डॉलर दर्ज किया गया। चीन से आयात बढ़कर 84.27 अरब डॉलर तक पहुंच गया, वहीं रूस से आयात घटकर 40.81 अरब डॉलर रह गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ जैसे बाहरी झटकों से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम असर दिखा रहे हैं। टैक्स में राहत, निर्यात प्रोत्साहन योजनाएं और श्रम सुधार जैसे उपायों ने भारत को वैश्विक व्यापार चुनौतियों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद की है। नवंबर के आंकड़े इस बात के संकेत हैं कि भारत दबाव के बावजूद अपनी आर्थिक रफ्तार कायम रखने में सफल रहा है।
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