हाईटेक चोर:गूगल के सहारे ऐसे करते थे चोरी…….

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कोटा ग्रामीण पुलिस ने अंतरराज्यीय नकबजनी गिरोह का किया खुलासा, 6 गिरफ्तार

कोटा, 16 जनवरी 2026 —
कोटा ग्रामीण पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय नकबजनी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन शातिर चोर और चोरी का माल खरीदने वाले तीन सराफा व्यापारी शामिल हैं। पुलिस ने दिसंबर 2025 में चंबल फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेड (CFCL) गड़ेपान टाउनशिप में हुई करोड़ों रुपये की चोरी की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है।

गिरोह ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना समेत विभिन्न राज्यों में कुल 33 बड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ कि आरोपी हर बड़ी चोरी के बाद चित्तौड़गढ़ स्थित प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर जाकर चोरी की रकम का एक हिस्सा चढ़ाते थे। पुलिस अब गिरोह के फरार सदस्यों और चोरी का माल खरीदने वाले अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी गूगल मैप की मदद से औद्योगिक टाउनशिप और पॉश कॉलोनियों की पहचान करते थे। ऐसे मकानों को निशाना बनाया जाता था जो लंबे समय से बंद रहते थे। पूरी रैकी के बाद रात के समय ताले तोड़कर नकदी और जेवरात चुरा लिए जाते थे।

पुलिस के अनुसार 14 दिसंबर 2025 को सीएफसीएल गड़ेपान टाउनशिप में राजकुमार मित्तल और अशोक कुमार छीपा के आवास से करोड़ों रुपये की चोरी हुई थी। जांच के दौरान कॉलोनी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक संदिग्ध कार बार-बार नजर आई। फुटेज स्पष्ट न होने के बावजूद नंबर प्लेट पर ‘MP’ लिखा दिखाई दिया।

इसके बाद पुलिस ने करीब 600 किलोमीटर के दायरे में लगे 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों का गहन विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज के आधार पर संदिग्ध कार की पहचान कर मुख्य आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। पुलिस टीमों को मध्य प्रदेश के टांडा, धार, राजगढ़, कुक्शी और इंदौर भेजा गया, जहां पुलिसकर्मियों ने करीब 15 दिनों तक भेष बदलकर जानकारी जुटाई। अंततः मुख्य आरोपी करण भील को इंदौर से हिरासत में लिया गया, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर कई राज्यों में चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया।

पुलिस ने चोरी में प्रयुक्त कार बरामद कर ली है। पूछताछ में सामने आया कि चोरी का 136 ग्राम सोना इंदौर में 14 लाख रुपये में बेचा गया, जबकि शेष सोना अलग-अलग सराफा कारोबारियों को 34 लाख रुपये में बेचा गया। चोरी की रकम से एक आरोपी द्वारा जेसीबी मशीन भी बुक करवाई गई थी।

पुलिस अब तक 134 ग्राम सोना, 781 ग्राम चांदी और 9 लाख रुपये नकद बरामद कर चुकी है। इसके अलावा जेसीबी फर्म के खाते से 20 लाख रुपये वापस कराने की प्रक्रिया जारी है। गिरफ्तार आरोपी करण भील पर पहले से 31 और भारत मंडलोई पर 23 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

एडिशनल एसपी राम कल्याण मीणा ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई में पुलिस टीम की कड़ी मेहनत और तकनीकी विश्लेषण की अहम भूमिका रही। इस अभियान में सीमलिया एसएचओ नंद सिंह, डीएसटी इंचार्ज इंस्पेक्टर राजेन्द्र मीणा, एएसआई भूपेंद्र, कांस्टेबल लाखन सहित अन्य पुलिसकर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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