मेरठ:पारस-रूबी मामला- उम्र के दावों से उलझी पुलिस की जांच, क्या झोला छाप जांच में निभाएगा अहम भूमिका…….

NGV PRAKASH NEWS

मेरठ हत्याकांड में उम्र विवाद से उलझी जांच, पुलिस जुटा रही ठोस सबूत

मेरठ, 17 जनवरी 2026 —

बहूचर्चित मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में हुए हत्या और अपहरण के सनसनीखेज मामले में अब आरोपियों की उम्र को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है, जिससे पुलिस की विवेचना उलझती नजर आ रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी पारस सोम और अपहृत युवती रूबी की उम्र को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, जिनकी सच्चाई जानने के लिए पुलिस हर स्तर पर जांच कर रही है।

अब पुलिस के सामने मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी पारस नाबालिग है या बालिग, और युवती रूबी की वास्तविक उम्र क्या है।

वहीं पारस के अधिवक्ता संजीव उर्फ संजू राणा ने हाईस्कूल की मार्कशीट पेश कर उसे नाबालिग बताया है, जबकि रूबी के परिजनों का दावा है कि वह 17 वर्ष की है। दूसरी ओर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन ताडा का कहना है कि रूबी की उम्र लगभग 20 वर्ष पाई गई है।

जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि पारस और रूबी दोनों ने एक ही विद्यालय आदर्श जनता इंटर कॉलेज में पढ़ाई की है। कॉलेज की प्रधानाचार्य मंजू देवी के अनुसार, रूबी ने वर्ष 2023 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। ऐसे में दोनों की उम्र को लेकर दस्तावेजी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

पुलिस फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर रूबी को नाबालिग और पारस को बालिग मानकर विवेचना आगे बढ़ा रही है। लेकिन दोनों पक्षों की ओर से लगातार पेश किए जा रहे दावों और दस्तावेजों के कारण मामला और पेचीदा होता जा रहा है। यदि पारस नाबालिग और रूबी बालिग साबित हो जाती है तो पूरे मामले की कानूनी दिशा ही बदल सकती है।

इस जटिल स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारी विधि विशेषज्ञों से भी राय ले रहे हैं। एसएसपी विपिन ताडा ने स्पष्ट किया है कि उम्र से जुड़े सभी प्रमाण जुटाए जा रहे हैं और विवेचना पूरी तरह तथ्यों के आधार पर ही आगे बढ़ाई जाएगी।

इसी बीच आरोपी पारस सोम की मानसिक स्थिति को लेकर भी पुलिस गहराई से जांच कर रही है। इस जांच में उसके एक झोलाछाप चिकित्सक मित्र की भूमिका संदेह के घेरे में आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले पारस की मानसिक स्थिति कैसी थी और क्या इस पूरे घटनाक्रम में झोलाछाप का भी कोई हाथ है।

विवेचक एवं सीओ सरधना आशुतोष कुमार के अनुसार पारस ने गिरफ्तारी से पहले अपने इस मित्र से फोन पर बातचीत कर गांव के माहौल की जानकारी ली थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने उसे सर्विलांस पर लेकर गिरफ्तार किया था। अब पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं वह इस साजिश में शामिल तो नहीं था।

मामले में फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। पारस सोम को स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया है और पुलिस सभी गवाहों के बयान दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई अहम तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

गौरतलब है कि यह घटना बृहस्पतिवार सुबह उस समय हुई थी, जब अनुसूचित जाति की महिला सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ गन्ने की छिलाई करने जा रही थी। रास्ते में पारस सोम ने रूबी का अपहरण कर लिया और विरोध करने पर सुनीता की फरसे से वार कर हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया था।

पुलिस की लगातार दबिश के बाद शनिवार देर शाम आरोपी पारस को रुड़की रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया और युवती रूबी को सकुशल बरामद कर लिया गया। रविवार को रूबी का मेडिकल परीक्षण कराया गया और अदालत में उसके बयान दर्ज कराए गए।

इस घटना ने प्रदेश की सियासत में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *