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ग्राम सचिवालयों पर खुलेंगे आधार केंद्र, ग्रामीणों को गांव में ही मिलेंगी नामांकन और अपडेट की सुविधाएं

लखनऊ 01 फरवरी 2026.
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण नागरिकों को आधार से जुड़ी सेवाएं उनके निवास स्थान के पास ही उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पंचायती राज विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य के प्रत्येक ग्राम सचिवालय स्तर पर आधार केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां आधार नामांकन और आधार अपडेट की सभी प्रमुख सेवाएं उपलब्ध होंगी। यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा-सुलभता बढ़ाने, समय और खर्च की बचत करने तथा ई-गवर्नेंस को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि अब तक आधार नामांकन और संशोधन की सीमित सुविधाओं के कारण ग्रामीणों को दूरस्थ सेवा केंद्रों या जिला मुख्यालयों तक जाना पड़ता था, जिससे अनावश्यक समय, धन और श्रम की हानि होती थी। ग्राम सचिवालय स्तर पर आधार केंद्र खुलने से यह समस्या काफी हद तक समाप्त होगी और आधार आधारित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी।
भारत सरकार के विशिष्ट पहचान प्राधिकरण UIDAI द्वारा पंचायती राज निदेशालय, उत्तर प्रदेश को रजिस्ट्रार और नामांकन एजेंसी के रूप में अधिकृत किया गया है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम सचिवालय में आधार केंद्र स्थापित कर नागरिकों को नया आधार नामांकन, जनसांख्यिकीय और बायोमेट्रिक अपडेट, मोबाइल और ईमेल संशोधन, पता परिवर्तन जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आधार केंद्रों पर आने वाले नागरिकों के पहचान, पता, जन्मतिथि और संबंध से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर उनका डाटा सुरक्षित ऑनलाइन माध्यम से केंद्रीय पहचान डाटा भंडार को भेजा जाएगा। सत्यापन के बाद आवेदक को रसीद दी जाएगी और अधिकतम 90 दिनों के भीतर आधार संख्या जारी की जाएगी। आधार जारी होने की सूचना एसएमएस के माध्यम से मिलेगी और नागरिक यूआईडीएआई पोर्टल से आधार डाउनलोड कर सकेंगे।
आदेश में जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा भी किया गया है। जिला और मंडल स्तर पर संबंधित अधिकारी आधार केंद्रों की निगरानी करेंगे, जबकि ग्राम पंचायत सचिव संचालन, रिकॉर्ड संधारण और जागरूकता की जिम्मेदारी निभाएंगे। आधार ऑपरेटर और सुपरवाइजर का यूआईडीएआई से प्रमाणित और पंजीकृत होना अनिवार्य होगा। निर्धारित शुल्क से अधिक किसी भी प्रकार का शुल्क लेना प्रतिबंधित रहेगा और शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन या यूपीआई के माध्यम से ग्राम पंचायत के खाते में किया जाएगा।
सेवा समयसीमा भी तय की गई है। नए आधार नामांकन के लिए अधिकतम 90 दिन, जबकि पता, मोबाइल, ईमेल और अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 30 दिन की समयसीमा निर्धारित की गई है। नियमों के उल्लंघन पर ऑपरेटर या सुपरवाइजर के खिलाफ निलंबन, दंडात्मक कार्रवाई और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।
सरकार का मानना है कि ग्राम सचिवालय स्तर पर आधार केंद्रों की स्थापना से डिजिटल सेवाओं का विकेंद्रीकरण होगा, प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण नागरिकों को पारदर्शी व समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी।
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