पेन ड्राइव में डेटा रखना हमेशा सुरक्षित नहीं- कैसे रखें सुरक्षित…….

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पेनड्राइव में रखा डेटा हमेशा सुरक्षित नहीं, वर्षों बाद ‘डेटा डिग्रेडेशन’ से मिट सकती हैं अहम फाइलें

बस्ती, 11 फरवरी 2026.
डिजिटल युग में पेनड्राइव और फ्लैश मेमोरी को लोग डेटा सुरक्षित रखने का सबसे आसान माध्यम मानते हैं, लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। लंबे समय तक उपयोग न करने पर पेनड्राइव में रखा डेटा धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है और अंततः नष्ट भी हो सकता है। इस प्रक्रिया को तकनीकी भाषा में “डेटा डिग्रेडेशन” कहा जाता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि पेनड्राइव में डेटा मैग्नेटिक रूप में नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक चार्ज के रूप में स्टोर रहता है। फ्लैश मेमोरी के माइक्रो ट्रांजिस्टर में यह चार्ज कई वर्षों तक सुरक्षित रह सकता है, लेकिन यदि डिवाइस का उपयोग न किया जाए तो समय के साथ यह चार्ज लीक होने लगता है। परिणामस्वरूप फाइलें करप्ट हो सकती हैं या पूरी तरह गायब हो सकती हैं। सामान्य परिस्थितियों में एक अच्छी गुणवत्ता की पेनड्राइव 5 से 10 वर्षों तक डेटा सुरक्षित रख सकती है, लेकिन तापमान, नमी और स्टोरेज की स्थिति इसके जीवनकाल को प्रभावित करती है।

तकनीकी जानकारों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी, धूल, नमी और बिजली के झटके फ्लैश मेमोरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यदि पेनड्राइव को लंबे समय तक अलमारी में बंद रखा जाए और कभी कंप्यूटर से जोड़ा ही न जाए, तो उसके अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक चार्ज कमजोर पड़ सकता है। यही कारण है कि कई बार पुरानी पेनड्राइव लगाने पर फाइलें खुलती नहीं हैं या ‘ड्राइव फॉर्मेट’ का संदेश दिखाई देता है।

आईटी विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि महत्वपूर्ण दस्तावेज केवल पेनड्राइव में ही न रखें। डेटा का बैकअप कम से कम दो अलग-अलग माध्यमों पर रखना चाहिए, जैसे हार्ड डिस्क और क्लाउड स्टोरेज। समय-समय पर पेनड्राइव को कंप्यूटर से जोड़कर फाइलें चेक करना और नई ड्राइव में ट्रांसफर करना भी सुरक्षित तरीका माना जाता है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार सरकारी, व्यावसायिक और व्यक्तिगत महत्वपूर्ण दस्तावेजों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए मल्टी-लेयर बैकअप प्रणाली अपनाना जरूरी है। डिजिटल डेटा की सुरक्षा केवल डिवाइस पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उपयोगकर्ता की सावधानी और नियमित देखभाल पर भी आधारित होती है।

डिजिटल सुविधाओं के इस दौर में जहां डेटा ही सबसे बड़ी पूंजी बन चुका है, वहां उसकी सुरक्षा को लेकर जागरूकता बेहद आवश्यक है। पेनड्राइव सुविधा जरूर देती है, लेकिन उसे स्थायी तिजोरी समझना जोखिम भरा हो सकता है।

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