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दरोगा अजय गौड़ की मौत का सच आया सामने, सरयू में डूबने से हुई थी मृत्यु; हत्या की आशंका निराधार
बस्ती, 26 फरवरी 2026.
परशुरामपुर थाने पर तैनात उपनिरीक्षक अजय गौड़ की मौत को लेकर बीते दिनों से चल रही चर्चाओं और आशंकाओं पर पुलिस ने विस्तृत जांच के बाद विराम लगा दिया है।
➡️बस्ती परिक्षेत्र के डीआईजी ने पूरे प्रकरण का खुलासा करते हुए स्पष्ट किया कि दरोगा अजय गौड़ की मृत्यु सरयू नदी में डूबने से हुई थी और हत्या के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।
घटना 5 फरवरी की है, जब उपनिरीक्षक अजय गौड़ अचानक लापता हो गए थे। बाद में उनकी मोटरसाइकिल अमहट घाट पर खड़ी मिली, जिससे आशंका गहराई। तीन दिन की तलाश के बाद 8 फरवरी को सरयू नदी से उनका शव बरामद हुआ। एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से मामला तेजी से हाई प्रोफाइल बन गया।
📍मृतक की पत्नी और भाई ने हत्या की आशंका जताई थी, जिसके चलते पुलिस ने हर संभव एंगल से जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को खंगाला गया। इसी दौरान एक बाइक चोर को पकड़ा गया, जिसके पास से मृतक के निजी और सरकारी मोबाइल फोन बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि मोबाइल चोरी के बाद आगे भेज दिए गए थे, लेकिन इस कड़ी का मौत से सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित रखकर रासायनिक परीक्षण के लिए भेजा गया। जांच में किसी भी प्रकार का जहरीला या संदिग्ध रासायनिक पदार्थ नहीं पाया गया। इसके बाद विस्तृत चिकित्सकीय राय के लिए रिपोर्ट गोरखपुर एम्स भेजी गई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट का निशान नहीं था और परिस्थितियां पानी में डूबने की ओर संकेत करती हैं।
फेफड़ों में पानी न मिलने को लेकर उठे सवालों पर विशेषज्ञों ने बताया कि कई दिनों तक पानी में रहने के बाद शरीर की आंतरिक संरचना में परिवर्तन हो सकता है और फेफड़ों में मौजूद पानी स्वाभाविक रूप से बाहर निकल सकता है। यह चिकित्सकीय रूप से संभव स्थिति है और इससे डूबने की संभावना खारिज नहीं होती।
घटना के समय घाट के आसपास मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दरोगा अजय गौड़ को नदी की ओर जाते देखा गया था। सभी परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक परीक्षण और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि यह हत्या नहीं, बल्कि सरयू नदी में डूबने से हुई मृत्यु का मामला है।
➡️ डायटम रिपोर्ट में भी यही पुष्टि हुई है |
डीआईजी संजीव त्यागी ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच में किसी भी बिंदु को नजरअंदाज नहीं किया गया। हर तथ्य की वैज्ञानिक तरीके से पुष्टि की गई। अंतिम रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट हो गया कि दरोगा अजय गौड़ की मौत हत्या नहीं थी।
💥 अब प्रश्न उठता है कि एक जिम्मेदार उप निरीक्षक जिसके पास थानाध्यक्ष विश्व मोहन राय के पारिवारिक कार्यक्रम के चलते छुट्टी पर चले जाने के वजह से थाने का प्रभार भी था, ऐसी कौन सी स्थिति बनी जिसकी वजह से उन्होंने नदी में कूद कर आत्महत्या जैसा कदम उठाया | यह प्रश्न उनकी मौत का खुलासा हो जाने के बाद वह ठंडे बस्ते में चला जाएगा या फिर पुलिस उन कारणों का भी खुलासा करने में कामयाब होगी?
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