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केरल में CEO की नियुक्ति पर सियासी घमासान, राहुल गांधी पर लगे ‘दोहरे मापदंड’ के आरोप
तिरुवनंतपुरम, 24 मई 2026.
केरल की कांग्रेस सरकार द्वारा राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) रतन यू केलकर को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किए जाने के बाद बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा और माकपा (CPM) ने इस फैसले को लेकर कांग्रेस और खासतौर पर राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में इसी तरह की नियुक्ति पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया था, लेकिन अब केरल में वही कदम कांग्रेस सरकार ने खुद उठा लिया है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केरल सरकार का यह फैसला पश्चिम बंगाल की उस नियुक्ति से मिलता-जुलता है, जिसमें चुनाव खत्म होने के बाद पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को अहम प्रशासनिक जिम्मेदारी दी गई थी। उस समय राहुल गांधी ने भाजपा पर “बैकडोर डील”, “लोकतंत्र से खिलवाड़” और “चोरी का इनाम” जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। अब भाजपा सवाल उठा रही है कि क्या केरल में वही फैसला सही माना जाएगा जिसे बंगाल में गलत बताया गया था।
भाजपा नेता के. सुरेंद्रन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी को तुरंत राजनीतिक सत्ता के केंद्र में लाना लोकतांत्रिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब राहुल गांधी इसे लोकतंत्र की खूबसूरती बताएंगे।
माकपा ने भी कांग्रेस को घेरते हुए राहुल गांधी के पुराने बयानों की याद दिलाई। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस ने बंगाल में भाजपा सरकार और चुनाव आयोग के बीच “फिक्स मैच” और “शर्मनाक गठजोड़” जैसे आरोप लगाए थे, लेकिन अब केरल में लगभग वैसा ही फैसला लिया गया है। CPM का कहना है कि राहुल गांधी को देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि केरल का मामला अलग कैसे है।
वाम दलों ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव समाप्त होते ही राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मुख्यमंत्री सचिवालय में इतनी अहम जिम्मेदारी देना “सेवाओं के बदले इनाम” जैसा दिखाई देता है। पार्टी के मुताबिक इससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि कांग्रेस सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। मंत्री रमेश चेन्निथला और सनी जोसेफ ने कहा कि किसी भी अधिकारी की नियुक्ति करना सरकार का अधिकार है और इस फैसले के पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया।
इस पूरे घटनाक्रम ने केरल की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि भाजपा और वामदल, जो आमतौर पर एक-दूसरे के विरोधी माने जाते हैं, इस मुद्दे पर कांग्रेस को एक साथ घेरते नजर आ रहे हैं। अब निगाहें राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि वे इस विवाद पर क्या सफाई देते हैं।
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